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Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह

Bihar News: गोपालगंज में अवैध बालू खनन मामले में खनन निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है. खनन निरीक्षक पर डीएम को गुमराह करने और माफियाओं से मिलीभगत का आरोप है.

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar News: बिहार के गोपालगंज से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। इस कार्रवाई में खुद खनन विभाग के एक अधिकारी की संलिप्तता सामने आई है। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस खुलासे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 


गोपालगंज जिले में गंडक नदी से अवैध बालू खनन का मामला लंबे समय से चर्चा में था। लेकिन अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू की। जिसमें खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दरअसल, खनन टास्क फोर्स की बैठक के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिले के 12 बालू घाटों में से एक भी घाट की नीलामी नहीं हुई थी। यह अपने आप में बड़ा सवाल था। क्योंकि बिना नीलामी के खनन पूरी तरह अवैध माना जाता है।


इस गंभीर स्थिति को देखते हुए डीएम ने तुरंत एक जांच टीम का गठन किया और सभी बालू घाटों की जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान जब टीम मौके पर पहुंची तो खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने टीम को करीब चार किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाया ताकि वास्तविक स्थिति छिपाई जा सके। लेकिन जब टीम गंडक नदी के किनारे पहुंची तो वहां बालू खनन के स्पष्ट निशान मिले।


इससे यह साफ हो गया कि अवैध खनन लगातार जारी था और इसमें अंदरूनी मिलीभगत भी शामिल थी। जांच में स्पष्ट संलिप्तता सामने आने के बाद खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर अधिकारियों को भ्रामक जानकारी दी और बालू माफियाओं के साथ मिलकर अवैध खनन को बढ़ावा दिया। इतना ही नहीं यह भी सामने आया कि उनके गठजोड़ की वजह से ही बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया बाधित हो रही थी। जिससे अवैध खनन को खुला संरक्षण मिल रहा था। 


इस पूरे मामले में जिला खनन विकास पदाधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे पूछताछ जारी है। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने साफ तौर पर कहा है कि जिले में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि एसडीएम के नेतृत्व में सभी बालू घाटों की गहन जांच कराई जाए और जहां भी अनियमितता मिले, वहां सख्त कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। 


जिला प्रशासन के इस सख्त कदम को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अब सिस्टम के अंदर बैठे लोगों पर भी कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध खनन नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक प्राकृतिक संसाधनों की इस तरह लूट होती रहेगी और कब तक जिम्मेदार लोग ही इसमें शामिल पाए जाते रहेंगे?

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज

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FIRST BIHAR

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