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Gaya News: सफाईकर्मी जितेंद्र मांझी की ईमानदारी के कायल हुए IAS-IPS अधिकारी, लाखों का लॉकेट लौटाकर जीत लिया दिल

गया में पितृपक्ष मेले के दौरान सफाईकर्मी जितेंद्र मांझी ने पानी में गिरा लाखों रुपये का लॉकेट खोजकर उसकी मालकिन को लौटा दिया। उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए IAS डॉ. गगन कुमार और IPS सुशील कुमार ने उन्हें सम्मानित किया।

बिहार न्यूज
ईमानदारी की मिसाल
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

GAYAJEE: बिहार के गया में आयोजित पितृपक्ष मेले के दौरान सफाईकर्मी जितेंद्र मांझी ने अपनी ईमानदारी से सबका दिल जीत लिया। उनकी इस नेक पहल की सराहना करते हुए IAS डॉ. गगन कुमार और IPS सुशील कुमार ने उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान सफाईकर्मी जितेंद्र मांझी के सामने IAS अधिकारी ने झुककर अभिवादन भी किया।  


दरअसल, पितृपक्ष मेले में अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करने पहुंची एक महिला का लाखों रुपये का लॉकेट पानी में गिर गया था। लॉकेट खो जाने से महिला परेशान हो गई। इसी दौरान सफाईकर्मी जितेंद्र मांझी ने उसे खोजने का जिम्मा उठाया। उन्होंने घंटों पानी में मेहनत की और आखिरकार लॉकेट ढूंढकर महिला को वापस सौंप दिया।


जितेंद्र मांझी की इस ईमानदारी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कीमती लॉकेट मिलने के बाद महिला को राहत मिली, वहीं उनके इस कार्य की खूब सराहना हो रही है।


जितेंद्र मांझी को सम्मानित कर अधिकारियों ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। उनका यह कार्य बताता है कि किसी व्यक्ति की महानता उसके पद या आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों से पहचानी जाती है।


पितृपक्ष मेले में जितेंद्र मांझी की इस मिसाल ने यह साबित किया कि ईमानदारी आज भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी है।

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