प्रशांत किशोर का बड़ा हमला: गुजरात से रिमोट कंट्रोल से चलेगा बिहार, नीतीश के समृद्धि यात्रा’ पर भी उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने गया में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार का शासन गुजरात से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जाएगा और मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को कुछ लोगों की समृद्धि बताया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 6:04:36 PM

बिहार न्यूज

BJP पर साधा निशाना - फ़ोटो रिपोर्टर

GAYA: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को गया पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के एक निजी होटल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार की राजनीति और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा।


मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना पहले से ही तय था। उनका दावा है कि भाजपा के नेताओं ने यह फैसला पहले ही कर लिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद भले ही एनडीए को 200 से अधिक सीटें मिली हों, लेकिन अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे।


प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी और गुजरात में बैठे लोग रिमोट कंट्रोल के माध्यम से बिहार का शासन चलाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार खुद कभी भी चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं थे। भाजपा ने उन्हें चेहरा बनाकर विधानसभा चुनाव जीता और अब अपनी मर्जी के अनुसार मुख्यमंत्री तय कर रही है। इसी वजह से नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा रहा है।


नीतीश कुमार के भावनात्मक ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट से जो ट्वीट होते हैं, उन्हें कुछ अधिकारी और उनके करीबी लोग ही करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शारीरिक और मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं। वहीं मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को लेकर भी प्रशांत किशोर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आखिर किसकी समृद्धि दिखाती है। उनके मुताबिक यह सिर्फ कुछ लोगों की समृद्धि है, आम जनता की नहीं।


उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद भी बिहार के 50 से अधिक मजदूर दूसरे राज्यों में काम करते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में समृद्धि की स्थिति क्या है। बिहार आज भी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल है, जहां बेरोजगारी चरम पर है और लोग पलायन करने को मजबूर हैं।


प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, ऐसे में समृद्धि यात्रा का कोई मतलब नहीं है। यह सिर्फ मुख्यमंत्री और उनसे जुड़े कुछ नेताओं के लिए समृद्धि हो सकती है, लेकिन बिहार की आम जनता के लिए नहीं।उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय लोगों में पैसे बांटकर खजाना खाली कर दिया गया है और अब आने वाले पांच वर्षों तक जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रशांत किशोर ने गया में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार का शासन गुजरात से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जाएगा और मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ को कुछ लोगों की समृद्धि बताया।