1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 08 Jan 2026 09:34:23 PM IST
पुलिस की कार्रवाई - फ़ोटो REPORTER
GAYAJEE: हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस सोना लूटकांड में गयाजी सर्राफा बाजार पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। गुरुवार को कई दुकानों पर छापेमारी की गयी। लूटे गये सोने की कटिंग कराने के आरोप में एक सर्राफा व्यवसायी हिरासत में लिया गया है। बुलियन एसोसिएशन का पदाधिकारी फरार हो गया है। पटना रेल पुलिस मुख्यालय की विशेष टीम, रेल थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की। अब साजिश की परतें खुलने की उम्मीद है।
हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में हुई सनसनीखेज सोना लूट कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके तार गयाजी शहर के सराफा बाजार से जुड़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को गयाजी के सराफा बाजार में पुलिस ने एक के बाद एक सर्राफा व्यवसाय की दुकानों पर छापेमारी कर पूरे बाजार में हड़कंप मचा दिया।
यह छापेमारी पटना रेल पुलिस मुख्यालय द्वारा गठित विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी), रेल थाना प्रभारी गया निशा कुमारी और स्थानीय कोतवाली थाना की संयुक्त टीम ने की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार देर रात सराफा बाजार के एक व्यवसायी विनोद कुमार को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि हावड़ा–जोधपुर एक्सप्रेस से लूटे गए सोने की कटिंग उनकी ही दुकान में कराई गई थी।
विनोद कुमार की निशानदेही पर गुरुवार को सराफा बाजार स्थित चर्चित दुकान ‘गोल्ड हाउस’ में भी छापेमारी की गई। हालांकि, छापेमारी के दौरान गोल्ड हाउस के प्रोपराइटर मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू मौके से फरार पाए गए। पुलिस का कहना है कि मोहित अग्रवाल की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, फरार मोहित अग्रवाल उर्फ गोलू न केवल सर्राफा व्यवसाय से जुड़े हैं, बल्कि बुलियन एसोसिएशन गयाजी के कोषाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं। ऐसे में इस कांड में उनकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां बेहद गंभीर हैं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि लूटे गए सोने को किन-किन माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
गौरतलब है कि 21 नवंबर 2025 को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक किलो सोने की लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया था, जब जांच में रेल थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई। लूटकांड में रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के अलावा चार पुलिसकर्मी और दो सिविलियन की भूमिका उजागर हुई थी।
मामले में रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को निलंबित करते हुए जेल भेज दिया गया है, वहीं चार अन्य रेल पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, अब भी इस कांड से जुड़े कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सराफा बाजार में हुई इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल लूट कांड से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते है।