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बिहार का दूसरा 'टारजन' दिलबर खान: 1 किलो दाल, 5 लीटर दूध और 50 रोटियों की खुराक से कर रहा हैरान करने वाले स्टंट

गया जिले के 18 वर्षीय दिलबर खान, जिन्हें लोग 'बिहारी टारजन' कहते हैं, रोज़ 10 किलोमीटर दौड़ते हैं और असाधारण स्टंट करते हैं। 5 लीटर दूध, 1 किलो दाल और 50 रोटियों की खुराक के साथ वह ओलंपिक में देश का नाम रोशन करना चाहते हैं।

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राजा यादव के बाद दिलबर खान बना टारजन
© social media
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

GAYA:  बिहार के पश्चिम चंपारण निवासी राजा यादव जिन्हें लोग 'बिहारी टारजन' कहते हैं, अपने स्टंट और फिटनेस के लिए चर्चित हैं। लेकिन अब गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के केनरचक गांव के 18 वर्षीय दिलबर खान भी इसी सूची में शामिल हो गए हैं। आइए जानते है कौन है दिलबर खान? 


बिहार के पश्चिम चंपारण के पाकड़ गांव निवासी राजा यादव जिन्हें लोग बिहार का टारजन कहते हैं। वो अपने बेहतरीन फिटनेस और दौड़ से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते रहते हैं। बिना किसी अत्याधुनिक सुविधा के वह हर रोज़ 20 से 25 किलोमीटर की दौड़ और कठिन ट्रेनिंग के जरिए खुद को मजबूत बना रहे हैं और दावा करते हैं कि वे 40-45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक वो दौड़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर गाड़ियों के साथ दौड़ते हुए भी देखा गया है। योग गुरु बाबा रामदेव के साथ दौड़ लगाते हुए भी देखा गया है। लेकिन आज हम बात करने जा रहे हैं बिहार के दूसरे टारजन की जो गया जी जिले के रहने वाले दिलबर खान हैं। जो इन दिनों खूब चर्चा में बने हुए हैं। 


उनकी उम्र 18 साल है, उनके स्टंट को देखकर लोग हैरान हैं। अपनी फिटनेस को लेकर वो सोशल मीडिया पर छाये हुए हैं। राजा यादव जहां हर रोज 20 से 25 किलोमीटर दौड़ते हैं तो वही दिलबर खान हर दिन 10 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। बड़े-बड़े टायर को पीठ पर रखकर वो 10 पुश मारते हैं तो बिना टायर के 100 पुशअप मारते हैं। दिलबर खान का कहना है कि लोग उसे बिहारी टारजन करते हैं। 


उसके स्टंट को देखकर लोग भी हैरान रह जाते हैं। कभी वह अपने सिर से लोहे की छड़ को मोड़ देता है तो कभी 30 फीट के बिजली पोल पर चढ़कर स्टंट करने लगता है। यही नहीं लोगों को हैरानी तब होती है जब वह अपना सिर जमीन के अंदर घुसा देता है। वह हाथ से स्कॉर्पियों कार भी खींचता है। पेड़ पर रस्सी के सहारे चढ़ जाता है। इतनी तेज रफ्तार में वह दौड़ लगता है कि लोग भी सोच में पड़ जाते हैं।


बिहार के गयाजी जिल के फतेहपुर प्रखंड स्थित केनरचक गांव आज अचानक दिलबर खान की वजह से चर्चा में बना हुआ है। दिलबर खान को उसके स्टंट और कारनामे को देखकर लोग बिहारी टारजन कहने लगे हैं। उसका सपना ओलंपिक में जाना है और फाइटिंग में मेडल जीतना है। वह 12 साल का था तभी से ऐसा स्टंट करने लगा कि लोग यह कहने लगे कि यह लड़का आगे जाकर कुछ ना कुछ अच्छा करेगा। दिलबर खान का कहना है कि वह फाइटिंग में देश के लिए कुछ करना चाहता है। ओलंपिक में जाकर देश का नाम रोशन करना चाहता है। गोल्ड मेडल लाना चाहता है। इसके लिए वह खूब तैयारी कर रहा है। रोज 5 लीटर दूध पीता है, एक किलो दाल और 50 रोटियां खाता है। ड्राई फ्रूट्स के साथ-साथ दर्जनभर केले भी खाता है। 


दिलबर खान ने मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार या जनप्रतिनिधि मेरी मदद करें, तो मैं काफी कुछ आगे कर सकता हूं. अभी घर की स्थिति खराब है. फिर भी घर के लोग सपोर्ट कर मेरी खुराक के 5 लीटर दूध, 1 किलो दाल और अन्य सामग्री जुटा रहे हैं, जिससे मेरी प्रैक्टिस लगातार चल रही है. दिलबर के घर की माली स्थिति एकदम खराब है. उसके पिता उसकी प्रैक्टिस न रुके, उसकी खुराक में कमी ना आए, इसके लिए राजमिस्त्री की मजदूरी करके भी पैसे जुटाते हैं. 


दिलबर के पिता कलीम खान कहते हैं, कि अपने बेटे के हौसलों को देखकर उन्हें गर्व होता है. उनकी तमन्ना है, कि वह देश के लिए कुछ करे. देश का नाम रोशन करे. शुरू में तो मैं भी अचंभित होता था, लेकिन दिलबर के हौसलों को देखकर मुझे साहस आया. आज वह कई ऐसे स्टंट कर रहा है, जो हैरतअंगेज है. मैं खुद गरीबी से जूझ रहा हैू. बटईया खेती थोड़ी बहुत करते हैं. इसके अलावा घर की माली स्थिति के बीच राजमिस्त्री का भी काम करते हैं. मेरे बेटे की प्रैक्टिस न छूटे और वह देश के लिए कुछ कर सके इसके लिए अब और भी ज्यादा मेहनत करना शुरू कर दिया है.