railway security : लुटेरा थानाध्यक्ष भेजा गया जेल, चलती ट्रेन से लुटवा लिया था 1 kg गोल्ड; पुलिस महकमे की इज्जत लुटवा दी !

गया में ट्रेन में सोना लूट मामले में गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह समेत 4 जवान गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी, पटना रेल एसपी ने की कड़ी कार्रवाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 02 Jan 2026 01:24:15 PM IST

railway security : लुटेरा थानाध्यक्ष भेजा गया जेल, चलती ट्रेन से लुटवा लिया था 1 kg गोल्ड; पुलिस महकमे की इज्जत लुटवा दी !

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गया में 22307 हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन में हुई सोना लूट के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पटना रेल एसपी के नेतृत्व में जांच के बाद गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और चार जवानों को गिरफ्तार किया गया है। घटना पिछले 21 नवंबर को हुई थी, जब ट्रेन में सफर कर रहे कारोबारी के स्टाफ से करीब 1 किलो सोना लूट लिया गया।


जानकारी के अनुसार, पीड़ित धनंजय शाश्वत अपने स्टाफ के साथ हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान जीआरपी के जवानों ने मारपीट कर 1 किलो सोना और करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये मूल्य का माल छीन लिया। घटना गया जंक्शन पहुंचने से पहले ही अंजाम दी गई थी। आरोपियों ने पीड़ितों को किसी को कुछ बताने की सख्त धमकी दी और उन्हें ट्रेन में टिकट करा कर भेज दिया।


घटना की एफआईआर गया रेल थाना में 29 नवंबर को दर्ज कराई गई थी। पटना रेल एसपी ने तत्काल ही जांच के लिए विशेष टीम गठित की। सीडीआर की मदद से हुई जांच में खुलासा हुआ कि गया जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और उसके अधीनस्थ चार जवान इस मामले में सीधे संलिप्त थे। इसके बाद तीन डीएसपी की विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई, जिसने पूरे मामले को ट्रैक किया।


बुधवार को गया में छापेमारी के दौरान थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया और उसे रेल कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। उसके साथ संलिप्त चार जवान – करन कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रणंजय कुमार और आनंद मोहन – भी गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, परवेज आलम और रेल थाना का पूर्व चालक सीताराम फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।


पटना रेल एसपी ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में कोई भी अपराधी बच नहीं सकता। जांच में पाया गया कि थानाध्यक्ष और जवानों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने पीड़ितों के साथ मारपीट की और सोना छीनने के बाद उन्हें धमकाया कि किसी को कुछ न बताएँ। इस खुलासे के बाद पटना रेल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की।


रेलवे सुरक्षा बल (GRP) के अंदर ही ऐसी घटना सामने आने से यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। पटना रेल एसपी ने सभी यात्रियों से अपील की है कि अगर उन्हें रेलवे पुलिस से संबंधित किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि नजर आए तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।


विशेष जांच दल ने यह भी बताया कि लूट की घटना के समय थानाध्यक्ष और जवानों ने अपनी ड्यूटी का गलत फायदा उठाते हुए पीड़ितों को धमकाया और सोने की कीमत का माल छीन लिया। इस मामले में अब पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी बढ़ा दी है।


गया रेल जंक्शन पर यात्रियों और स्थानीय लोगों में इस गिरफ्तारी को लेकर राहत की भावना है। पटना रेल एसपी ने साफ कर दिया कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और रेल पुलिस के सभी अधिकारियों और जवानों के व्यवहार पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।


इस घटना ने रेलवे सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रेलवे पुलिस के अंदर ही किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो यात्रियों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल, रेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।


गया में हुई इस सोना लूट की घटना अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीड़ितों के प्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं कि सभी दोषियों को कड़ी सजा मिले। पटना रेल एसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होगी और अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।