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Forest Officer Attack : अवैध बालू खनन रोकने गए वन अधिकारी पर माफियाओं का जानलेवा हमला, डंडों से जमकर पीटा

बिहार के गया जिले में बालू माफियाओं ने अवैध खनन रोकने पहुंचे वन अधिकारी अरविंद कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें डंडों से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल किया गया। पुलिस और वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Forest Officer Attack : अवैध बालू खनन रोकने गए वन अधिकारी पर माफियाओं का जानलेवा हमला, डंडों से जमकर पीटा
Tejpratap
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4 मिनट

Forest Officer Attack : बिहार के गया जिले में अवैध बालू खनन माफियाओं का आतंक एक बार फिर सामने आया है। इस बार बालू माफियाओं ने कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए ड्यूटी पर पहुंचे वन अधिकारी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज घटना में वन अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरा मामला शेरघाटी अनुमंडल के बाराचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत भलुआ गांव के पास मोहाने नदी का है।


मिली जानकारी के अनुसार, मोहाने नदी के वन क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से बालू का उठाव किया जा रहा था। इस संबंध में सूचना मिलने के बाद बाराचट्टी वन क्षेत्र पदाधिकारी अरविंद कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वन विभाग की टीम नदी के पास पहुंची, वहां पहले से सक्रिय बालू माफियाओं ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि अधिकारी कुछ समझ पाते, माफियाओं ने अचानक उन पर हमला बोल दिया।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बालू माफियाओं ने डंडों और लाठियों से अरविंद कुमार पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। हमले में उनके सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। बेरहमी से की गई पिटाई के कारण वे खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वन विभाग की टीम भी हमलावरों के आक्रोश के सामने असहाय नजर आई।


घटना के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए घायल अधिकारी की मदद की। स्थानीय लोगों की सहायता से अरविंद कुमार को तुरंत बाराचट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, अधिकारी की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन गंभीर चोटों के चलते उन्हें निगरानी में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें गया या पटना के बड़े अस्पताल में रेफर किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।


वन अधिकारी पर हुए इस हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाराचट्टी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हमलावरों की पहचान के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी गई है।


इस घटना ने एक बार फिर बिहार में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन बालू माफियाओं द्वारा सरकारी कर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासनिक अमले में भय का माहौल है। बावजूद इसके, अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहाने नदी और आसपास के इलाकों में रात के अंधेरे में खुलेआम बालू का अवैध उठाव होता है। माफिया इतने संगठित और बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें कानून या प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। वन अधिकारी पर हुआ यह हमला न केवल प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अवैध बालू कारोबार किस हद तक बेलगाम हो चुका है।


फिलहाल, पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और अवैध बालू खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।