Bihar News : नीतीश सरकार के विश्वासमत के दौरान विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच जारी है। भाजपा और जदयू विधायकों सहित कई से पूछताछ की गई है और उनके बयानों में विरोधाभास पाया गया है। कई विधायकों के मोबाइल फोन बंद थे जिससे संदेह और बढ़ गया है। जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसकी जांच चल रही है। अब इसको लेकर जो ताजा अपडेट सामने आया है उसके मुताबिक अब इस मामले में EOU की कार्रवाई तेज हो गई।
जानकारी के अनुसार, नीतीश सरकार के विश्वासमत के दौरान विधायकों को प्रलोभन देने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच जारी है। इस मामले में कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर करवाई हो रही हैं। इस मामले में फिलहाल विधायक भागीरथी देवी और दिलीप राय EOU के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया है। इस बात की जानकारी खुद एडीजी नैयार हसनैन खान ने दी है।
सोमवार को इस मामले में रामनगर की भाजपा विधायक भागीरथी देवी से पूछताछ की गई तो बुधवार को सुरसंड से जदयू विधायक दिलीप राय से ईओयू ने पूछताछ की। इसके पूर्व भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव, परबत्ता विधायक डॉ. संजीव, पूर्व विधायक बीमा भारती से भी पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा विधायकों के अंगरक्षकों से भी अलग पूछताछ हुई है।
आपको बताते चलें कि,मधुबनी के हरलाखी से जदयू विधायक सुधांशु शेखर ने इस मामले में फरवरी 2024 में पटना के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें जदयू विधायक ने महागठबंधन के पाले में आने के लिए प्रलोभन दिए जाने का आरोप लगाया था।






