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ED Raid in Patna: चीफ इंजीनियर 'तारणी दास' के सिर पर किन बड़े लोगों का हाथ..? कैबिनेट स्वीकृति बाद में...रिटायरमेंट के तुरंत बाद हुआ 'संविदा नियोजन', फिर मिला CGM का एक और प्रभार, विवेकानंद की खास रिपोर्ट पढ़ें...

ED Raid in Patna: भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर (उत्तर) तारिणी दास के ठिकानों पर छापेमारी। रिटायरमेंट के महज 9 दिन बाद संविदा नियोजन और फिर कैबिनेट की स्वीकृति से पहले ही अतिरिक्त प्रभार! क्या सरकार भ्रष्टाचारियों के चंगुल में फंस गई है ?

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Viveka Nand
4 मिनट

ED Raid in Patna:  बिहार की पूरी सरकार भ्रष्टाचारियों के चंगुल में फंस गई है. अधिकारियों-इंजीनियरों के रिटायरमेंट के बाद संविदा नियोजन किया जा रहा. उन्हें बड़ा अधिकार देकर खेल किया जा रहा है. हद तो तब हो जा रही, जब कैबिनेट से मुहर लगने के प्रत्याशा में रिटाय़र इंजीनियरों का संविदा नियोजन कर लिया जा रहा. नियोजित करते ही उन्हें कई अतिरिक्त प्रभार देकर उपकृत किया जा रहा . आज एक ऐसे ही भ्रष्ट मुख्य अभियंता के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की है. 1st Bihar/Jharkhand की खास रिपोर्ट ....

सरकार के चहेते मुख्य अभियंता के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

राजधानी पटना में सुबह-सुबह ईडी की छापेमारी से हड़कंप मच गया है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर (उत्तर) तारिणी दास के पटना स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है. ये तारणी दास वही हैं, जिन पर नीतीश सरकार की हाल ही में कृपा बरसी है. ये मुख्य अभियंता 31 अक्टूबर 2024 को मुख्य अभियंता (उत्तर) के पद से सेवानिवृत हुए. भवन निर्माण विभाग इतना बेचैन हुआ कि, इन्हें फिर से उसी पद (मुख्य अभियंता) के लिए दो सालों के लिए संविदा नियोजित कर लिया है. नियोजित करने के बाद निगम में मुख्य  महा प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार दे दिया. 

31 अक्टूबर को रिटायर..9 नवंबर को संविदा नियोजन, 19 नवंबर को कैबिनेट की स्वीकृति 

भवन निर्माण विभाग ने 29 नवंबर को एक अधिसूचना जारी की. जिसमें कहा गया है की मुख्य अभियंता (उत्तर) तारिणी दास 31 अक्टूबर 2024 को सेवानिवृत हुए हैं. इन्हें इसी पद पर अगले दो वर्षों अथवा मुख्य अभियंता (उत्तर) के पद पर नियमित प्रोन्नत्ति होने तक (जो भी पहले हो) संविदा के आधार पर नियोजित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की स्वीकृति के इंतजार में मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद 9 अक्टूबर 2024 को संविदा नियोजन का आदेश निर्गत किया गया. 19 नवंबर 2024 को राज्य मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की. 

तारिणी दास को 11 दिसंबर को मिल गया एक और अतिरिक्त प्रभार 

दरअसल, कैबिनेट की स्वीकृति बाद में मिली, तारिणी प्रसाद को पहले ही 9 नवंबर 2024 को दो वर्षों के लिए संविदा नियोजित कर लिया गया. जबकि कैबिनेट से स्वीकृति 19 नवंबर को मिली. भवन निर्माण विभाग का खेल देखिए...कैबिनेट की स्वीकृति मिलने से पहले तारिणी प्रसाद को मुख्य अभियंता (उत्तर) के पद पर संविदा नियोजित तो किया ही, उन्हें एक और पद प्रभार में दे दिया. भवन निर्माण विभाग  ने भवन निर्माण निगम लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया. 11दिसंबर 2024 को विभाग के संयुक्त सचिव रमेंंद्र कुमार ने इसकी अधिसूचना जारी की थी. 

फुलवारीशरीफ स्थित पूर्णेन्दु नगर में तारिणी दास के ठिकानों पर की गई है। सूत्रों की माने तो अभी तक की कार्रवाई के दौरान ही ईडी को करोड़ों रुपए मिले हैं। जिसकी गिनती के लिए जांच टीम ने नोट गिनने वाली मशीन भी मंगाई है।  फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से छापामारी की कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है टेंडर को मैनेज करने के नाम पर विभाग में बड़ी गड़बड़ी की जा रही थी। जिसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। सुबह-सुबह छापेमारी से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आइएएस अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मामले यह कार्रवाई की है। टेंडर घोटाले में भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारिणी दास के पटना स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता