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डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा- कोरोना होने के बाद याददाश्त नहीं रहा,नींद नहीं आती,इसलिए जान दे रहा हूं....

JAMUI : गिद्धौर PHC प्रभारी डॉ. रामस्वरूप चौधरी मंगलवार की सुबह अपने कमरे में फंखे से लटक कर जान दे दी. बताया जाता है कि सुबह काफी देर तक वह अपने सहकर्मी और विभाग के लोगों से फोन पर बातचीत की. इसके

डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा- कोरोना होने के बाद याददाश्त नहीं रहा,नींद नहीं आती,इसलिए जान दे रहा हूं....
Anamika
2 मिनट

JAMUI : गिद्धौर PHC प्रभारी डॉ. रामस्वरूप चौधरी मंगलवार की सुबह अपने कमरे में फंखे से लटक कर जान दे दी. बताया जाता है कि सुबह काफी देर तक वह अपने सहकर्मी और विभाग के लोगों से फोन पर बातचीत की. इसके बाद चाय नास्त कर अस्पताल जान के लिए अपने कमरे में तैयार होने चले गए थे. 

उनका ड्राइवर भी उनके घर पहुंच चुका था और उनके बाहर निकलने का इंतजार कर रहा था. जब काफी देर तक उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो ड्राइवर, डॉक्टर की पत्नी और उनके बच्चे के साथ कमरे के पास गया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. 

आवाज देने पर भी जब डॉक्टर ने दरवाजा नहीं खोला तो दरवाजा तोड़ा गया तो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पंखे से लटके हुए मिले. उनके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है. 

सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि 'कोरोना होने के बाद याददाश्त काम नहीं कर रहा, नींद भी नहीं आती, पागलपन जैसा महसूस कर रहा, इसलिए जान दे रहा हूं. डॉ. रामस्वरूप चौधरी छह साल से सीएचसी गिद्धौर के चिकित्सा पदादिकारी के पद पर कार्यरत थे.