ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

दोबारा बांध टूटने से गोपालगंज में आई बाढ़, लोगों के खाने-पीने पर बनी आफत

GOPALGANJ : गोपालगंज में दोबारा आई बाढ़ से बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. सारण मुख्य तटबंध के टूटने के कारण बैकुंठपुर, बरौली प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ के पानी

दोबारा बांध टूटने से गोपालगंज में आई बाढ़, लोगों के खाने-पीने पर बनी आफत
First Bihar
2 मिनट

GOPALGANJ : गोपालगंज में दोबारा आई बाढ़ से बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. सारण मुख्य तटबंध के टूटने के कारण बैकुंठपुर, बरौली  प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ के पानी ने चारों तरफ तबाही मचा दिया है. कई गांवों के मुख्य सड़क पानी के तेज बहाव से टूट गए हैं. सड़क के टूटने और पानी के तेज बहाव से जहां आवागमन ठप हो गया है. वहीं बाढ़ का पानी सैकड़ों घरों में प्रवेश कर गया है. बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही बैकुंठपुर, बरौली प्रखंड में हुई है. इस प्रखंड के कई पंचायत पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ का पानी ऐसे फैल रहा है की चारों तरफ तबाही मच गई है.



बरौली के देवापुर के वार्ड नंबर 08 में बाढ़ पीड़ितों का हाल ख़राब है. बाढ़ का पानी इन लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है. बाढ़ पीड़ित कृष्णा सिंह के मुताबिक अभी बाढ़ से वो लोग उबरे ही थे कि दोबारा आई बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी है. इन लोगों के खाने-पीने का सभी सामान भींग गया है. घर के रसोई घर में भी बाढ़ का पानी फ़ैल गया है जिससे इन लोगों को खाने-पीने और रहने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और महिलाओं को हो रही है.


वहीं देवापुर पंचायत के नन्हे सिंह के मुताबिक दोबारा बांध टूटने की वजह से करीब दो हजार घर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं. कितने लोग अपने घर की छतों पर शरण लिए हुए है. तो कितने लोग सड़क पर टेंट गिरा कर रहने को मजबूर है. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के कारण इन बाढ़ पीड़ितों को न कोई नेता पूछने आते हैं और न ही अधिकारी की मदद मिल रही है. 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें