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बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, दरभंगा में शिक्षक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या

मृतक की पहचान मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के तीसी परसौनी गांव निवासी मंसूर आलम के रूप में हुई है। जो दरभंगा जिला के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नासीरगंज में शिक्षक थे। वो पिछले 15 वर्षों से शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।

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हत्या से सनसनी
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Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DARBHANGA: बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यही कारण है कि अपराधी एक के बाद एक क्राइम की वारदात को बेखौफ अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला दरभंगा से आ रही है जहां स्कूल जा रहे एक शिक्षक को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। घटना सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में उस समय घटी जब शिक्षक मंसूर आलम रोज की तरह बुधवार को साइकिल से अपने विद्यालय जा रहे थे।


सुनसान रास्ते में घटी वारदात

मृतक की पहचान मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के तीसी परसौनी गांव निवासी मंसूर आलम के रूप में हुई है। जो दरभंगा जिला के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नासीरगंज में शिक्षक थे। वो पिछले 15 वर्षों से शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। बुधवार सुबह वह हमेशा की तरह साइकिल से अपने स्कूल के लिए निकले थे और लगभग दो किलोमीटर का सफर तय करने के बाद, जब वह विद्यालय से महज 500 मीटर दूर थे, तभी निस्ता और भरवाड़ा गांव के बीच सुनसान सड़क पर अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। मिली जानकारी के अनुसार अपराधियों ने पीछे से उनके कान के ऊपर और गर्दन के नीचे गोली मारी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटनास्थल नसीरगंज स्थित सोलर प्लेट बिजली संयंत्र के पास बताया जा रहा है। 


इलाके में पसरा मातम और आक्रोश

हत्या की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक शिक्षक मंसूर आलम अपने परिवार के साथ शंकरपुर में किराये पर रहते थे। उनके परिवार में पत्नी खैरुल निशा, बेटियां और अन्य परिजन हैं। हत्या की खबर सुनकर जब पत्नी, बेटी और साथी शिक्षक घटनास्थल पर पहुंचे तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।


घटना के बाद हरकत में आई पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सिंहवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। वहीं, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कमतौल, ज्योति कुमारी भी घटनास्थल पर पहुंचीं और घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। मौके पर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। हत्या के पीछे कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है।


सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

एक ओर जहां बिहार सरकार शिक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त दावे करती है, वहीं इस तरह की घटनाएं उन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। दिनदहाड़े एक शिक्षक की गोली मारकर हत्या होना न केवल एक संवेदनशील घटना है, बल्कि यह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों और शिक्षक समुदाय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से शीघ्र न्याय की मांग की है। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।