ब्रेकिंग
बेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंदबेगूसराय गैंगरेप कांड का खुलासा: मुख्य आरोपी नीतीश समेत दो गिरफ्तार, SIT ने UP से दबोचा; तीन अब भी फरार70 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या, पहले भी परिवार के दो लोगों का हो चुका है मर्डर; जांच के लिए SIT गठितबेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंदबेगूसराय गैंगरेप कांड का खुलासा: मुख्य आरोपी नीतीश समेत दो गिरफ्तार, SIT ने UP से दबोचा; तीन अब भी फरार70 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या, पहले भी परिवार के दो लोगों का हो चुका है मर्डर; जांच के लिए SIT गठित

दरभंगा : पहली बार पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल में नई तकनीक से की गई घुटने की सर्जरी, 24 घंटे में ही चलने लगा शख्स

DARBHANGA : दरभंगा में पहली बार पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल के हड्डी रोग विषेशज्ञ डाॅ. अमित कुमार ने बिल्कुल नयी तकनीक टिबिया इंटरलाॅकिंग नेल बाई सुप्रा पटेलर एप्रोच विधि से एक 50 स

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DARBHANGA : दरभंगा में पहली बार पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल के हड्डी रोग विषेशज्ञ डाॅ. अमित कुमार ने बिल्कुल नयी तकनीक टिबिया इंटरलाॅकिंग नेल बाई सुप्रा पटेलर एप्रोच विधि से एक 50 साल के शख्स के पैर में घुटना के ऊपर से राॅड लगाकर उसके  पैर की सर्जरी की गई. 

ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने बताया कि 7 साल पहले उसके घुटने की सर्जरी हुई थी लेकिन वह मुड़ नहीं रहा था. घुटने के नीचे से राॅड डालने के लिए उसे 90 डिग्री पर मोड़ना पड़ता है, लेकिन वह मुड़ नहीं रहा था. तब जाकर नई विधि का सहारा लिया गया. ऑपरेशन के 24 घंटे के बाद से वह चल भी रहा है औक उसका पैर बिल्कुल ठीक है.

ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में बाइक से धक्का लगने के कारण उसका दाहिना पैर टूट गया था तब उसे पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल में लाया गया.  पहले तो घुटने के नीचे से राॅड डालने का प्रयास किया गया, लेकिन जब घुटना 90 डिग्री पर नहीं मुड़ पाया तब जाकर नई विधि से ऑपरेशन किया गया.  साधारण टिबिया नेल में दो से तीन स्क्रू डाला जाता है जबकि एक्सपर्ट टिबिया नेल में 4 से 5 स्क्रू डाला जा सकता है. एक्सपर्ट टिबिया नेल की डिजाइनिंग अलग होती है. इसमें दो स्क्रू ऊपर तथा चार स्क्रू नीचे डाला गया है जिससे इसकी मजबूती अचूक रहती है. डाॅ. कुमार ने कहा कि हमारे हाॅस्पिटल मे हर तरह की अत्याधुनिक मशीनें, उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए इस तरह का ऑपरेशन संभव है.