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दरभंगा AIIMS निर्माण का रास्ता साफ, 1549 करोड़ का टेंडर जारी; जानें कब तक तैयार होगा अस्पताल

Darbhanga AIIMS Update: बिहार के दरभंगा में एम्स निर्माण को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अस्पताल के निर्माण के लिए 1549.25 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है। शोभन में 182 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस अस्पताल को 30 महीने में तैयार...

दरभंगा AIIMS निर्माण का रास्ता साफ, 1549 करोड़ का टेंडर जारी; जानें कब तक तैयार होगा अस्पताल
Ramakant kumar
3 मिनट

Darbhanga AIIMS Update: बिहार के दरभंगा में प्रस्तावित एम्स के निर्माण को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. अस्पताल निर्माण के लिए 1549.25 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही लंबे समय से इंतजार कर रहे इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है. निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 30 महीने की समयसीमा तय की गई है.


दरभंगा जिले के शोभन में करीब 182 एकड़ जमीन पर एम्स का निर्माण कराया जाना है. इसके लिए एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड की ओर से निविदा जारी की गई है. पूरी परियोजना को ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मॉडल पर पूरा किया जाएगा. इसके तहत अस्पताल भवन से लेकर मेडिकल शिक्षा और आवासीय सुविधाओं तक का निर्माण कराया जाएगा.


परियोजना में मुख्य अस्पताल भवन, अकादमिक ब्लॉक, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवासीय परिसर समेत अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित निर्माण एजेंसी को काम सौंपा जाएगा. इसके बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.


27 नवंबर तक जमा होगा टेंडर

जारी निविदा के अनुसार, एम्स निर्माण में रुचि रखने वाली एजेंसियां ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकेंगी. इसके लिए 27 नवंबर 2026 अंतिम तारीख निर्धारित की गई है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण एजेंसी का चयन होने के बाद आगे का काम शुरू कराया जाएगा.


दरभंगा एम्स शुरू होने के बाद उत्तर बिहार के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. फिलहाल गंभीर बीमारियों के इलाज और विशेष चिकित्सा सुविधाओं के लिए दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और आसपास के जिलों के मरीजों को पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है.


एम्स में इलाज की सुविधा शुरू होने के बाद इन जिलों के मरीजों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी. इसके अलावा नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से आने वाले मरीजों को भी इस अस्पताल का लाभ मिलने की उम्मीद है.


दरभंगा एम्स में मरीजों के इलाज के साथ मेडिकल शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. इससे मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को नए अवसर मिलेंगे. वहीं अस्पताल के संचालन और उससे जुड़ी दूसरी सुविधाओं के विकास से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.


1549.25 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए टेंडर जारी होने के बाद अब निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 30 महीने का समय रखा गया है.