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कोरोना के अवसाद से बचने के लिए खुद को रखें व्यस्त, NSMCH के डॉक्टर ने बताए कई टिप्स

PATNA: कोरोना का दायरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में सभी सहमे और डरे हुए हैं. इसका सबसे ज्यादा बुरा असर बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है. वो अवसाद के शिकार हो रहे हैं. वो नींद नहीं आने क

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: कोरोना का दायरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में सभी सहमे और डरे हुए हैं. इसका सबसे ज्यादा बुरा असर बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है. वो अवसाद के शिकार हो रहे हैं. वो नींद नहीं आने की परेशानी से जूझ रहे हैं.

बिहटा स्थित अत्याधुनिक नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल(एनएसएमसीएच) के मनोचिकित्सक विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार के मुताबिक कोरोना के डर से उत्पन्न अवसाद से लोगों को बचने की जरूरत है. बुजुर्ग या हर हर उम्र के लोग इस समस्या से खुद को बाहर रखने के लिए अपनी रूचि के अनुसार काम में खुद को व्यस्त रखें। समय का सदुपयोग करें और परिवार के सदस्यों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं. 

 डॉ. कुमार के अनुसार को वजह से हो रहे अवसाद से बचने के लिए हमेशा साकारात्क सोचें. हर समय महामारी से जुड़ी बातें न करें. यदि घर में हैं तो नियमित रूप से व्यायाम करें. यह अवसाद से बचाता है. पौष्टिक आहार लें. हर उम्र के लोग कम-से-कम सात घंटे की गहरी नींद लें. संभव हो तो योगाभ्यास भी करें. यह भी अवसाद से बचाता है. मन को शांत करता है और तनाव को घटाता है. डॉ. राकेश कुमार के अनुसार बच्चों पर भी इस समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है. दरअसल, बच्चों का मन कोमल होता है. इतने समय से घर में बंद रहने से उनमें चिड़चिड़ापन आना और जिद्द करना आदि समस्या दिख सकती है. ऐसे में मां-बाप को अपने बच्चे के बदलते स्वभाव पर नजर रखनी चाहिए. उनके लिए घर में छोटी-छोटी चीजें प्लान करें. बच्चों को एहसास दिलाते रहें कि आप उनके साथ हैं कोरोना से संबंधित अफवाहों से बचें. क्योंकि ये डर का माहौल बनाता है.

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