ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

छपरा : करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया डाकघर का एजेंट, दस साल से लोगों में बनाया था विश्वास

CHHAPRA : बिहार के छपरा जिले के मुख्य डाकघर से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक एजेंट ने सैकड़ों लोगों के विश्वास को तोड़ते हुए लगभग 5 करोड़ की रकम लेकर फरार हो गया. पीड़

छपरा : करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया डाकघर का एजेंट, दस साल से लोगों में बनाया था विश्वास
First Bihar
2 मिनट

CHHAPRA : बिहार के छपरा जिले के मुख्य डाकघर से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक एजेंट ने सैकड़ों लोगों के विश्वास को तोड़ते हुए लगभग 5 करोड़ की रकम लेकर फरार हो गया. पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. 


छपरा के भगवान बाजार थाना इलाके के दौलतगंज मुहल्ले में रहने वाले धीरज अग्रवाल लोगों से रुपये लेकर डाकघर की विभिन्न योजनाओं में जमा करने का काम करता था. करीब 10 वर्ष में आरोपी ने जमाकर्ताओं के मन में इतना विश्वास बना लिया था कि जमाकर्ता एक बार खाता खुलने के बाद कभी भी उससे अपनी पासबुक तक भी नहीं मांगा करते थे. एजेंट धीरज अपनी बुजुर्ग मां के नाम पर बचत एजेंसी चलाता था. 


हैरत की बात यह है कि धीरज पैसा जमा करने के दौरान ही लोगों से निकासी फॉर्म पर साइन करवा लेता था. लोगों को तगड़ा झटका तब लगा जब लगभग 4 दिन पहले धीरज सबके पैसे लेकर अपने घर से सपरिवार रफूचक्कर हो गया. जब लोगों को जानकारी मिली तो आरोपी के घर जाकर अपनी-अपनी पासबुक तलाशने लगे और जिसके हाथ जिसकी पासबुक लगी, लेकर चला गया.


पोस्ट आफिस जमा एजेंट के प्रतिनिधि की फरारी के बाद डाकघर के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वतः संज्ञान लेकर एक अलग काउंटर खोल दिया, जिस पर सभी पीड़ित जमाकर्ता अपने खाते और जमाराशि की अपडेट जानकारी ले सकें.

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें