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BIHAR NEWS : “सनातन जोड़ो यात्रा” के तीसरे चरण का भव्य आयोजन, राजकुमार चौबे बोले - अयोध्या और काशी से भी अधिक विकसित होगा बक्सर

सनातन जोड़ो यात्रा” के तीसरे चरण ने स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं के बीच जबरदस्त उत्साह और आस्था का माहौल पैदा कर दिया। राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने नेनुआं में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बक्सरवासियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक ह

 राजकुमार चौबे
राजकुमार चौबे
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Tejpratap
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BIHAR NEWS : विश्वामित्र सेना द्वारा आयोजित “सनातन जोड़ो यात्रा” का तीसरा चरण रविवार, 14 सितंबर को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस यात्रा में संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बक्सर के नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी आस्था और समर्थन का परिचय दिया। यात्रा का उद्देश्य समाज में सनातन संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करना तथा लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना बताया गया।


विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे इस यात्रा में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। उन्होंने पूरे मार्ग में उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं और जनता का उत्साहवर्धन किया। नेनुआं में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “विश्वामित्र सेना की यह लड़ाई समय की आवश्यकता है। यदि बक्सरवासी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो जाएँ तो बक्सर को अयोध्या और काशी से भी अधिक विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता।” उनके इस उद्बोधन ने उपस्थित जनसमूह को गहरी प्रेरणा दी और वातावरण में जोश का संचार कर दिया।


यात्रा की शुरुआत सुबह 10:30 बजे प्रधान कार्यालय (कार्यालय संख्या-11, लख नारायणपुर, लख अदफा, मठिला) से हुई। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मार्गों से होते हुए जनता के बीच संदेश पहुंचाया। वहीं 3:00 बजे नेनुआं में स्वागत समारोह और जनसभा का आयोजन किया गया, जहाँ स्थानीय जनता ने भारी संख्या में भाग लेकर अपनी आस्था और समर्थन प्रदर्शित किया। संध्या 4:30 बजे यात्रा ने पुनः सभास्थल से सम्हार, बनकट, के.सी. कॉलेज, डुमरांव ब्लॉक, डुमरांव स्टेशन और पुराना भोजपुर होते हुए फोरलेन मार्ग के जरिए कार्यालय लौटकर अपने तीसरे चरण को सफलतापूर्वक समाप्त किया।


तीसरे चरण की यह यात्रा अपनी विशिष्टता और भव्यता के लिए यादगार रही। पिछले दोनों चरणों की सफलता को देखते हुए इस बार भी यात्रा में विशेष ऊर्जा और जोश देखने को मिला। बक्सर की धरती ने एक बार फिर सनातन संस्कृति और परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था और संगठन की लड़ाई में अपना अटूट समर्थन प्रदर्शित किया।


राजकुमार चौबे ने अपनी बात में कहा कि बक्सरवासी अगर अपने अधिकारों के प्रति सचेत और जागरूक होंगे तो यह शहर न केवल आर्थिक और सामाजिक रूप से विकसित होगा, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि “हमारी लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक है। हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्य को बचाए रखना होगा। अगर लोग मिलकर काम करेंगे, तो बक्सर का भविष्य उज्जवल होगा।”


यात्रा के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और लोगों में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यात्रा के दौरान स्थानीय दुकानदारों, युवा वर्ग और महिला सहभागियों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिससे यह यात्रा और भी प्रभावशाली बन गई।


विशेष रूप से, नेनुआं में आयोजित जनसभा में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी संख्या उपस्थित थी। राजकुमार चौबे ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “युवाओं की भागीदारी से ही समाज की दिशा तय होती है। अगर युवा अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझेंगे तो बदलाव संभव है।”

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