Bihar Education News: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के कड़े तेवर और सख्त निर्देश के बाद बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के साथ घृणित कृत्य करने वाले दोनों शिक्षकों को सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया। छात्राओं के साथ छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के माध्यम से धमकी देने जैसे गंभीर आरोप प्रमाणित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
बर्खास्त किए गए शिक्षकों में डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहिर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं। भविष्य में दोनों किसी भी सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अयोग्य होंगे।
घटना के तुरंत बाद शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख दिखाते हुए बक्सर के डीएम-एसपी को दोनों आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये स्पीडी ट्रायल कर पूरे मामले की सुनवाई का निर्देश दिया था।
डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। 2 सितम्बर को दोनों को निलंबित किया गया। 3 सितम्बर को आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई। जांच में दोनों शिक्षकों के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार ने मामले की समीक्षा की। समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (XI) के तहत दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया।
शिक्षा मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि विद्यालयों में अनुशासन, विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले शिक्षक कहलाने के योग्य नहीं हैं। ऐसे लोगों के प्रति भविष्य में भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।





