ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

BJP नेता के बजाय कार्यकर्ता ने ले लिया सिंबल, असली नेता की जगह खुद ही नामांकन कराने पहुंचा

SAMASTIPUR : समस्तीपुर के रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र से असली बीजेपी नेता के बजाय एक कार्यकर्ता नामांकन कराने पहुंच गया. उसने धोखे से पार्टी का सिंबल भी ले लिया और उसमें अपना नाम, पिता का नाम भरकर नामा

BJP नेता के बजाय कार्यकर्ता ने ले लिया सिंबल, असली नेता की जगह खुद ही नामांकन कराने पहुंचा
Anamika
2 मिनट

SAMASTIPUR : समस्तीपुर के रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र से असली बीजेपी नेता के बजाय एक कार्यकर्ता नामांकन कराने पहुंच गया. उसने धोखे से पार्टी का सिंबल भी ले लिया और उसमें अपना नाम, पिता का नाम भरकर नामांकन कराने अनुमंडल भी पहुंच गया. लेकिन ऐन वक्त पर पूरा मामला सामने आ गया और वो सिंबल रद्द कर पार्टी ने असली नेता को नया सिंबल दिया. 

बताया जा रहा है कि रोसड़ा विधानसभा से बीजेपी जिला मंत्री वीरेंद्र कुमार पासवान को उम्मीदवार बनाया है. लेकिन सोशल मीडिया में सूची में वीरेंद्र कुमार पासवान का नाम देखकर दरभंगा का रहने वाला बीजेपी कार्यकर्ता वीरेंद्र पासवान पार्टी कार्यालय पहुंच गया और सिंबल लेकर चला गया. असली नेता जब सोमवार को पार्टी ऑफिस पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सिंबल तो वीरेन्द्र पासवान ले गए. जिसके बाद बीजेपी नेताओ की होश उड़ गए. सबने बताया कि वीरेंद्र कुमार पासवान तो हमारे साथ हैं फिर कौन टिकट ले गया.  

इसके बाद  जांच शुरू हुई और बीजेपी के कार्यकर्ताओं को रोसड़ा अनुमंडल कार्यालय पहुंचे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ. दरभंगा के रहने वाले वीरेंद्र पासवान ने सिंबल ले लिया था और उसमें अपना नाम पता भी भर दिया  था. इसकी सूचना प्रदेश कार्यालय को दी गई. तब पहले जारी किए गए सिंबल को रद्द करते हुए असली वीरेन्द्र कुमार पासवान के नाम से नया सिंबल जारी किया गया. 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anamika

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें