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बीजेपी की तीसरी सूची : चौबे जी गुहार लगाते रह गये बेटे को नहीं मिला टिकट, भागलपुर में नये चेहरे पर दांव

PATNA : केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे गुहार लगाते रहे गये लेकिन बेटे को टिकट नहीं दिलवा पाये. भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने इस दफे अपने उम्मीदवार को बदल दिया है. पार्टी ने न

बीजेपी की तीसरी सूची : चौबे जी गुहार लगाते रह गये बेटे को नहीं मिला टिकट, भागलपुर में नये चेहरे पर दांव
First Bihar
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PATNA : केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे गुहार लगाते रहे गये लेकिन बेटे को टिकट नहीं दिलवा पाये. भागलपुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी ने इस दफे अपने उम्मीदवार को बदल दिया है. पार्टी ने नये चेहरे पर दांव लगाया है. बीजेपी ने भागलपुर से रोहित पांडे को टिकट दिया है.


चौबे जी की नहीं चली
दरअसल केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने अपने बेटे अर्जित शाश्वत चौबे को भागलपुर से टिकट दिलाने के लिए जान लगा दिया था. चौबे जी के बेटे को पिछले विधानसभा चुनाव में यानि 2015 में पार्टी ने उम्मीदवार भी बनाया था लेकिन वे हार गये थे. लिहाजा पार्टी उन्हें फिर से टिकट देने को तैयार नहीं थी. लेकिन चौबे जी मानने को तैयार नहीं थे.


बीजेपी के एक नेता ने बताया कि अश्विनी चौबे फिलहाल बक्सर से सांसद हैं. लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्रों के टिकट में उनकी कोई अभिरूचि नहीं थी. वे सिर्फ और सिर्फ भागलपुर पर अड़े थे. लेकिन एक तो पार्टी नेतृत्व तैयार नहीं हो रहा था वहीं भागलपुर में पार्टी में विद्रोह हो गया था. 2015 के विधानसभा चुनाव में भी चौबे जी के बेटे के खिलाफ बागी उम्मीदवार खड़ा हो गया था. बागी उम्मीदवार ने उतना वोट काट लिया जिससे कि अर्जित शाश्वत चौबे चुनाव हार जायें.


दूसरे हथकंडे भी काम नहीं आये
इस बीच कल चौबे जी के समर्थकों ने ट्विटर पर ट्रेंड कराने की कोशिश की. #ARJITFORBHAGALPUR यानि भागलपुर के लिए अर्जित चौबे. ट्वीटर पर हैदराबाद, मुंबई, बंगाल के लोग ट्वीट कर रहे थे कि अर्जित चौबे ने भागलपुर में बड़ी बड़ी रैलियां की है और उन्हें वहां से टिकट मिलना चाहिये. लेकिन बीजेपी के दिल्ली दफ्तर में बैठे नेता तो खुद इस तरह के खेल के एक्सपर्ट हैं.  लिहाजा उन्हें माजरा समझने में देर नहीं लगी. चौबे जी की ये भी कवायद काम नहीं आयी.