ब्रेकिंग
2029 में भी चौथी बार बनेगी मोदी सरकार, हाजीपुर में चिराग पासवान ने किया दावा मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा स्थगित नहीं, 17 जून को तय कार्यक्रम के अनुसार होगी परीक्षाजमुई में सांसद अरुण भारती के सामने बोलीं महिला, 'आंख मत मारिए, एक-एक पोल खोल दूंगी'बिहार में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ RJD का महाधरना, 17 जून को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शनBihar IAS Officers: बिहार प्रशासनिक सेवा के 14 अफसर बने IAS...सरकार ने जारी की अधिसूचना, लिस्ट देखें...2029 में भी चौथी बार बनेगी मोदी सरकार, हाजीपुर में चिराग पासवान ने किया दावा मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा स्थगित नहीं, 17 जून को तय कार्यक्रम के अनुसार होगी परीक्षाजमुई में सांसद अरुण भारती के सामने बोलीं महिला, 'आंख मत मारिए, एक-एक पोल खोल दूंगी'बिहार में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ RJD का महाधरना, 17 जून को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शनBihar IAS Officers: बिहार प्रशासनिक सेवा के 14 अफसर बने IAS...सरकार ने जारी की अधिसूचना, लिस्ट देखें...

बिहार: VTR से रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ, ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा

BAGAHA: खबर पश्चिमी चंपारण के बगहा से आ रही है, जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर एक बड़ा मगरमच्छ गांव में पहुंच गया, जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा वन

बिहार: VTR से रिहायशी इलाके में पहुंचा मगरमच्छ, ग्रामीणों ने पकड़कर वन विभाग को सौंपा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

BAGAHA: खबर पश्चिमी चंपारण के बगहा से आ रही है, जहां वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर एक बड़ा मगरमच्छ गांव में पहुंच गया, जिसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को खबर दी गई लेकिन वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़ने से अपने हाथ खड़े कर दिए। बाद में ग्रामीणों ने स्थानीय मछुआरों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ा।


दरअसल, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकलकर रिहायशी क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का आना लगातार जारी है। इसी दौरान बगहा दो के जीमरी नौतनवा पंचायत के टिकुलिया गांव में एक किसान के पोखरे में घुसे मगरमच्छ हजारों रुपए के मछलियों को चट कर गया। पोखरा का मालिक राजकुमार गुप्ता के द्वारा इसकी शिकायत वन विभाग से की गई लेकिन वन विभाग ने अपने हाथ खड़े कर दिए। बाद में करीब आधा दर्जन मछुआरों को बुलाया गया और जाल के सहारे मगरमच्छ को पोखर से निकला गया। 


पोखरा के मालिक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि बीते 17 जुलाई को भी मगरमच्छ इसी पोखरे में घुसकर मछलियों को खा गया था। दो बार मगरमच्छ के पोखरे में घुसने से करीब एक लाख रुपए के नुकसान हुआ है। किसान के द्वारा आवेदन पत्र वन विभाग के डीएफओ बेतिया के कार्यालय में मुआवजे की मांग के लिए आवेदन दिया जा रहा है। बगहा रेंज के रेंजर सुनील कुमार ने बताया कि मगरमच्छ का रेस्क्यू कर स्वास्थ्य जांच के बाद गंडक नदी में छोड़ दिया गया है।

रिपोर्टिंग
D

रिपोर्टर

DEEPAK RAJ

FirstBihar संवाददाता