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Bihar Vidyarthi Sahyog Portal : बिहार में छात्रों की शिकायत पर अब 30 दिन में होगा समाधान, 1100 पर करें कॉल; 10 दिन में कार्रवाई नहीं तो अफसर को CM सचिवालय से नोटिस

बिहार सरकार ने छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और टोल-फ्री नंबर 1100 शुरू किया है। पढ़ाई, कॉलेज और हॉस्टल से जुड़ी शिकायतों पर 30 दिन में समाधान जरूरी होगा। 10 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर अधिकारी को CM सचिवालय से नोटि

Bihar Vidyarthi Sahyog Portal
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Tejpratap
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पटना: बिहार के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पढ़ाई, कॉलेज, हॉस्टल या छात्र सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर अब छात्रों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और टोल-फ्री नंबर 1100 की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस व्यवस्था को छात्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी निगरानी भी ऑनलाइन तरीके से होगी। किसी अधिकारी ने समय पर शिकायत पर कार्रवाई नहीं की, तो सिस्टम के जरिए स्वत: नोटिस जारी होगा। यानी शिकायत को फाइलों में दबाकर रखने की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी।

30 दिन के अंदर शिकायत का समाधान जरूरी

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के लिए अधिकतम 30 दिनों की समयसीमा तय की गई है। संबंधित विभाग या अधिकारी को इस अवधि के भीतर समस्या का समाधान करना होगा और छात्र को इसकी लिखित जानकारी भी देनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिकायत दर्ज होने के बाद शुरुआती 10 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर मामला अपने आप अगले स्तर पर पहुंच जाएगा।

11वें दिन पहली नोटिस

अगर शिकायत पर 10 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो 11वें दिन मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से संबंधित अधिकारी को पहली नोटिस जारी होगी। इसके बाद भी शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो अधिकारियों को लगातार रिमाइंडर भेजे जाएंगे।20वें दिन दूसरी नोटिस और 25वें दिन तीसरी नोटिस जारी करने का प्रावधान रखा गया है। इस तरह पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है, ताकि छात्र की शिकायत लंबे समय तक लंबित न रहे। 30 दिनों के भीतर शिकायत के समाधान की लिखित सूचना छात्र को देना अनिवार्य होगा। इससे छात्र यह भी जान सकेगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और समस्या का समाधान किस स्तर पर किया गया।

1100 पर फोन कर भी दर्ज करा सकेंगे शिकायत

पोर्टल का इस्तेमाल करने में परेशानी होने वाले छात्रों के लिए सरकार ने फोन की सुविधा भी शुरू की है। छात्र अपनी शिकायत या सुझाव टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं।इस सुविधा की सबसे अहम विशेषता छात्रों की गोपनीयता है। शिकायत करने वाले छात्र या छात्रा की पहचान को गोपनीय रखा जाएगा। खासकर हॉस्टल या कॉलेज से जुड़ी ऐसी शिकायतों में यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां छात्र कार्रवाई को लेकर झिझक सकते हैं।सरकार का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी डर या दबाव के अपनी समस्या सामने रख सकें और उनकी शिकायत संबंधित स्तर तक पहुंच सके।

25 अगस्त से शुरू होगा विशेष अभियान

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के साथ-साथ राज्य में विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। 25 अगस्त से सभी स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टल में ‘विद्यार्थी सहयोग अभियान’ शुरू करने की तैयारी है। इस अभियान के दौरान छात्रों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, टोल-फ्री नंबर और पोर्टल के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। कोशिश यह है कि किसी छात्र को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े।

हर चौथे मंगलवार को लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर

छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए प्रत्येक महीने के चौथे मंगलवार को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में छात्र अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। इससे ऑनलाइन शिकायत के साथ-साथ आमने-सामने समस्याओं के समाधान का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों या डिजिटल सुविधा से दूर छात्रों के लिए ऐसे शिविर उपयोगी साबित हो सकते हैं।

पहले भी 6.42 लाख शिकायतों का हुआ निस्तारण

मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक आयोजित सहयोग शिविरों में बड़ी संख्या में छात्रों की समस्याएं सामने आई हैं। इन शिविरों में प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में करीब 96 प्रतिशत का सफल निस्तारण किया जा चुका है। नई डिजिटल व्यवस्था इसी प्रक्रिया को और मजबूत करने की कोशिश है। पोर्टल, टोल-फ्री नंबर, समयसीमा और ऑटोमेटेड नोटिस सिस्टम को एक साथ जोड़कर सरकार ने छात्रों की शिकायतों के लिए जवाबदेही तय करने का प्रयास किया है।

अब छात्रों के सामने समस्या बताने का रास्ता भी है और उस शिकायत की समयबद्ध निगरानी की व्यवस्था भी। आने वाले दिनों में इस पोर्टल की वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि शिकायतें कितनी तेजी से और प्रभावी तरीके से जमीन पर हल होती हैं।