Bihar Teacher Transfer : बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शिक्षा विभाग ने नई बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत शिक्षक ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार से ट्रांसफर पोर्टल शिक्षकों के लिए खोल दिया गया है, जहां वे 5 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसे तीन अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा।
सबसे अहम बदलाव यह है कि TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों को भी अब ट्रांसफर के लिए आवेदन करने की अनुमति मिल गई है। पहले जारी नियमों में प्रोबेशन पीरियड में कार्यरत शिक्षकों को आवेदन करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन शिक्षा विभाग ने अंतिम समय में नियमों में संशोधन करते हुए उन्हें भी पात्र घोषित कर दिया।
तीन चरणों में पूरी होगी ट्रांसफर प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के अनुसार शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए इसे तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में समायोजन (Rationalization) और छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर समानुपातीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या संतुलित करना है, जहां जरूरत के मुकाबले अधिक या कम शिक्षक कार्यरत हैं। दूसरे चरण में पारस्परिक (Mutual) ट्रांसफर कराया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे के कार्यस्थल की अदला-बदली कर सकेंगे। तीसरे और अंतिम चरण में सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें रिक्त पदों के आधार पर शिक्षकों से विद्यालयों का विकल्प लिया जाएगा और मेरिट व नियमों के अनुसार नई पोस्टिंग दी जाएगी।
यह रहेगा पूरा शेड्यूल
शिक्षा विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 7 से 9 सितंबर के बीच जिला और प्रमंडल स्तर की स्थापना समितियां समायोजन एवं समानुपातीकरण की सूची जारी करेंगी। इसी दौरान शिक्षकों की आपत्तियों का निपटारा भी किया जाएगा।इसके बाद 10 से 14 सितंबर तक पारस्परिक ट्रांसफर की प्रक्रिया चलेगी। फिर संशोधित रिक्तियों की सूची जारी की जाएगी और 17 से 23 सितंबर तक सामान्य ट्रांसफर के लिए शिक्षकों से विद्यालयों का विकल्प मांगा जाएगा। अंतिम रूप से 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच सामान्य ट्रांसफर की सूची जारी कर पूरी प्रक्रिया समाप्त की जाएगी।
TRE-3 शिक्षकों को मिली बड़ी राहत
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को मिलेगा। अब वे प्रोबेशन पीरियड में होने के बावजूद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।दरअसल, 21 जुलाई को जारी स्थानांतरण नियमावली में स्पष्ट किया गया था कि प्रोबेशन पर कार्यरत शिक्षक ट्रांसफर के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा जिन शिक्षकों का पहले ही स्थानांतरण हो चुका था, उन्हें सामान्य ट्रांसफर का अवसर भी नहीं दिया जाना था। हालांकि, शिक्षकों की मांग और सुझावों पर विचार करने के बाद शिक्षा विभाग ने नियमों में संशोधन करते हुए यह प्रतिबंध हटा दिया। इसके बाद TRE-3 के शिक्षकों को भी अन्य शिक्षकों की तरह आवेदन का अधिकार मिल गया।
शिक्षा मंत्री ने बताई फैसले की वजह
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। शिक्षकों से प्राप्त सुझावों और जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण नियमावली में संशोधन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी, न्यायसंगत और शिक्षक हितैषी बनाना है, ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही स्थानांतरण संबंधी समस्याओं का समाधान होगा और विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अब सभी पात्र शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने और विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। नई ट्रांसफर नीति से हजारों शिक्षकों को अपने पसंदीदा या आवश्यक कार्यस्थल पर स्थानांतरण का अवसर मिलने की उम्मीद है।





