BIHAR SVU RAID : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जा रही है और इसी क्रम में विशेष निगरानी इकाई ने एक बड़ा एक्शन लिया है। शहरी विकास एवं आवास विभाग में कार्यरत कार्यपालक अभियंता (मैकेनिकल) राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में कांड संख्या-15/2026 दर्ज किया गया है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधित) की धारा 13(1)(b), 13(2) एवं 12 के तहत दर्ज किया गया है।
निगरानी विभाग के अनुसार, राजीव कुमार वर्तमान में अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट, बिहार सरकार में Procurement & Quality Control शाखा में पदस्थापित हैं। जांच के दौरान यह सामने आया कि उन्होंने अपने सेवा काल में विभिन्न पदों पर रहते हुए एक लोक सेवक के रूप में अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया और अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि उन्होंने करीब 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 271 रुपये की संपत्ति जुटाई, जो उनके ज्ञात वैध आय स्रोतों से काफी अधिक है।
इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा तलाशी वारंट जारी किया गया। वारंट के आधार पर आज पटना में राजीव कुमार से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। निगरानी टीम सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और संपत्तियों की गहन जांच में जुटी हुई है।
जिन ठिकानों पर छापेमारी चल रही है, उनमें रामनगरी रोड स्थित सुमित चंद्रम ग्रिहम अपार्टमेंट के वेस्ट ब्लॉक में फ्लैट नंबर B-202, दानापुर के खगौल रोड स्थित लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 807 और पंत भवन के छठे तल्ले पर स्थित उनका कार्यालय शामिल है। इन सभी स्थानों पर एक साथ कार्रवाई कर टीम बैंक खातों, निवेश, संपत्ति के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध निवेश से जुड़े कागजात मिलने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपी ने किन-किन माध्यमों से अवैध संपत्ति अर्जित की और इसमें किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है।फिलहाल राजीव कुमार से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और निगरानी टीम हर दस्तावेज को बारीकी से खंगाल रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






