Bihar News : बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। राज्य सरकार ने भागलपुर जिले के सुलतानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम से बिहार-झारखंड सीमा के दर्दमारा तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 534.54 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क निर्माण का जिम्मा बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) को सौंपा गया है और निर्माण कार्य इस वर्ष नवंबर से शुरू होने की संभावना है।
नवंबर से शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार, यह परियोजना स्टेट हाईवे-22 के किमी-0 से किमी-40 तक सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से जुड़ी है। प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद अब निविदा (टेंडर) प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन होगा और उसके बाद सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
फोरलेन सड़क बनने से सुलतानगंज, अजगैवीनाथ धाम, तारापुर, संग्रामपुर, बेलहर, कटोरिया, चांदन सहित बिहार-झारखंड सीमा से जुड़े कई क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था पहले से बेहतर हो जाएगी। वर्तमान में इन इलाकों में यातायात का दबाव अधिक रहता है, जिससे लोगों को लंबा समय और जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
श्रावणी मेला में कांवरियों को होगी बड़ी राहत
सुलतानगंज का अजगैवीनाथ धाम श्रावणी मेला के दौरान देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र होता है। यहां से कांवरिए गंगाजल लेकर देवघर के लिए रवाना होते हैं। हर साल भारी भीड़ के कारण सड़क पर दबाव बढ़ जाता है। फोरलेन सड़क बनने से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम होगी और यातायात प्रबंधन भी बेहतर किया जा सकेगा। इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा को मिला अमलीजामा
यह सड़क परियोजना मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल थी। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के साथ ही इसे जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बिहार और झारखंड के बीच सड़क संपर्क को और मजबूत बनाना है।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सड़क के निर्माण से केवल धार्मिक यात्रियों को ही नहीं बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से माल ढुलाई आसान होगी, यात्रा का समय घटेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
जल्द जारी होगी टेंडर प्रक्रिया
बीएसआरडीसीएल अब परियोजना के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी में जुटा है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर नवंबर से निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए। यदि तय समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में यह फोरलेन सड़क भागलपुर और बांका क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह परियोजना बिहार के सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है, जबकि लाखों श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।





