Bihar Education News: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के पैटर्न में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब कक्षा 6 से लेकर प्लस टू तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल और सलाह के बाद विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। जल्द ही इसको लेकर आधिकारिक घोषणा जारी होने की संभावना है।बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार लगातार नए फैसले ले रही है। इसी कड़ी में अब स्कूली बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से ऊपर के विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
कक्षा 6 से प्लस टू तक कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की तैयारी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कंप्यूटर और तकनीक का महत्व काफी बढ़ गया है। ऐसे में बच्चों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल ज्ञान देना जरूरी है। सरकार चाहती है कि बिहार के छात्र-छात्राएं भी आधुनिक तकनीक की जानकारी में किसी से पीछे न रहें।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस विषय को लेकर गंभीरता दिखाई है और उनकी सलाह के बाद शिक्षा विभाग ने कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने की दिशा में काम शुरू किया है। विभागीय स्तर पर इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसमें यह तय किया जाएगा कि किस कक्षा से किस स्तर तक कंप्यूटर की पढ़ाई कराई जाएगी, पाठ्यक्रम क्या होगा और स्कूलों में इसकी व्यवस्था कैसे लागू की जाएगी।
डिजिटल शिक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में हर क्षेत्र में तकनीक की भूमिका बढ़ने वाली है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें कंप्यूटर, इंटरनेट और डिजिटल तकनीक की जानकारी देना जरूरी है।कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होने के बाद छात्रों को बेसिक कंप्यूटर ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल स्किल, ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग और तकनीकी समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर सकता है। इसके बाद सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी
TRE-4 भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा स्पष्टीकरण
वहीं दूसरी ओर शिक्षक भर्ती TRE-4 को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर भी शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थिति साफ कर दी है।पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि TRE-4 शिक्षक भर्ती की अभियाचना, जिसे सरकार की ओर से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजा गया था, उसे आयोग ने वापस कर दिया है।इन चर्चाओं के बीच शिक्षा मंत्री ने इसे गलत बताते हुए कहा कि TRE-4 की अभियाचना वापस नहीं की गई है।उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और जल्द ही इसको लेकर आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी।TRE-4 शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं। सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि शिक्षकों की जरूरत को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया को गति दी जाएगी।
शिक्षा विभाग में लगातार हो रहे बदलाव
बिहार शिक्षा विभाग इन दिनों कई बड़े बदलावों पर काम कर रहा है। शिक्षकों के तबादले से लेकर डिजिटल व्यवस्था लागू करने और स्कूलों में तकनीकी शिक्षा बढ़ाने तक कई फैसले लिए जा रहे हैं। कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने का फैसला भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो बिहार के लाखों विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक की मजबूत जानकारी मिल सकेगी। अब सबकी नजर शिक्षा विभाग की आधिकारिक घोषणा पर है, जिसमें कंप्यूटर शिक्षा लागू करने की पूरी प्रक्रिया और TRE-4 भर्ती की तारीखों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
प्रेम राज की रिपोर्ट





