Bihar School : बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से सभी रसोइयों की पे-आईडी (Pay ID) बनाने का निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य रसोइयों के मानदेय भुगतान को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और डिजिटल बनाना है। इसके लिए राज्यभर के सरकारी स्कूलों को आवश्यक दस्तावेज एकत्र करने का निर्देश जारी किया गया है।
शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद विभिन्न जिलों और प्रखंडों के सरकारी विद्यालयों में दस्तावेज एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यालय प्रबंधन रसोइयों से निर्धारित दस्तावेज जमा कराने की अपील कर रहा है ताकि समय पर पे-आईडी तैयार की जा सके।
विभाग के निर्देश के अनुसार प्रत्येक रसोइया को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति संबंधित विद्यालय में जमा करनी होगी। इन दस्तावेजों का सत्यापन विद्यालय प्रधान द्वारा किया जाएगा और सत्यापित प्रतियों को विद्यालय के अभिलेख में सुरक्षित रखा जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि पे-आईडी तैयार होने के बाद रसोइयों के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी हो जाएगी। भुगतान से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेगी, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना कम होगी।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन रसोइयों के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, उनकी पे-आईडी बनाना संभव नहीं होगा। ऐसे मामलों में भविष्य में मानदेय भुगतान प्रभावित हो सकता है। इसलिए जिन रसोइयों के पास अभी तक पैन कार्ड, आधार कार्ड या बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
विभाग का मानना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू होने से मानदेय भुगतान में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा। कई बार तकनीकी कारणों या अभिलेखों में त्रुटियों के कारण भुगतान में दिक्कतें आती रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी रसोइयों का डाटा एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सुगम होगी।
सरकारी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की भूमिका मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विभाग लगातार नई व्यवस्थाएं लागू कर रहा है। पे-आईडी व्यवस्था भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन समितियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी रसोइयों से समय पर दस्तावेज प्राप्त कर उनका सत्यापन कराएं। साथ ही जिन रसोइयों के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें आवश्यक कागजात बनवाने में सहयोग भी दिया जाए।
विभागीय आदेश के बाद स्कूलों में दस्तावेज जुटाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। उम्मीद की जा रही है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी रसोइयों की पे-आईडी तैयार कर ली जाएगी, जिससे भविष्य में मानदेय भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।




