ब्रेकिंग
सरकार के पास फ्रैक्चर पर प्लास्टर लगाने तक के पैसे नहीं बचे? सरकारी अस्पताल में टूटे पैर पर कार्टन बांधने पर भड़के तेजस्वीबिहार के सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही: टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह बांध दिया कार्टन, स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवालबिहार विधान परिषद चुनाव 2026: RJD ने 6 कैंडिडेट का किया ऐलान, शिक्षक-स्नातक सीटों पर उतारे उम्मीदवारBihar News: धनकुबेर अधीक्षण अभियंता के ठिकानों से क्या मिला ? पत्नी-माता-बहन-बहनोई के नाम पर पटना से लेकर मुंबई तक प्रॉपर्टी...ग्राहक बनकर आभूषण दुकान में पहुंचे महिला-पुरुष और बच्चा... बातों में दुकानदार को उलझाया, पलक झपकते ही कर दिया कांडसरकार के पास फ्रैक्चर पर प्लास्टर लगाने तक के पैसे नहीं बचे? सरकारी अस्पताल में टूटे पैर पर कार्टन बांधने पर भड़के तेजस्वीबिहार के सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही: टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह बांध दिया कार्टन, स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवालबिहार विधान परिषद चुनाव 2026: RJD ने 6 कैंडिडेट का किया ऐलान, शिक्षक-स्नातक सीटों पर उतारे उम्मीदवारBihar News: धनकुबेर अधीक्षण अभियंता के ठिकानों से क्या मिला ? पत्नी-माता-बहन-बहनोई के नाम पर पटना से लेकर मुंबई तक प्रॉपर्टी...ग्राहक बनकर आभूषण दुकान में पहुंचे महिला-पुरुष और बच्चा... बातों में दुकानदार को उलझाया, पलक झपकते ही कर दिया कांड

बिहार : सरकारी कार्यालय परिसर में शराब और कॉरेक्स की खाली बोतलें, खोल रही शराबबंदी की पोल

SAHARSA : कहने को तो बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। लेकिन ये शराब और कॉरेक्स की खाली बोतलें कुछ और ही बयां कर रही है। तस्वीरें बिहार के सहरसा जिले से सामने आ रही है। जहाँ जिला प

बिहार : सरकारी कार्यालय परिसर में शराब और कॉरेक्स की खाली बोतलें, खोल रही शराबबंदी की पोल
First Bihar
2 मिनट

SAHARSA : कहने को तो बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। लेकिन ये शराब और कॉरेक्स की खाली बोतलें कुछ और ही बयां कर रही है। तस्वीरें बिहार के सहरसा जिले से सामने आ रही है। जहाँ जिला प्रशासन के नाक के नीचे शराब और कॉरेक्स की ये सैकड़ों खाली बोतलें बिहार में लागू शराबबंदी की हकीकत बताने के लिए काफी है। 


जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर के पीछे जिला कर्मचारी संघ कार्यालय के प्रांगण में सैकड़ों शराब और कॉरेक्स की खाली बोतलें बिहार में लागू शराबबंदी पर कई सवाल खड़े कर रही है।


यहां आसपास के लोगों ने बताया कि यहां के कर्मचारी सिर्फ हाजरी बनाने के लिए ऑफिस आते हैं और फिर ईद के चाँद हो जाते हैं। लोगों ने ये भी कहा कि चंद कदम की दूरी  पर रजिस्ट्री ऑफिस है, यहां जमीन रजिस्ट्री कराने वाले लोग काफी संख्या में रोजाना आते हैं. उन्हीं लोगों द्वारा परिसर में अवस्थित होटलों में शराब एवं कोरेक्स का सेवन किया जाता है और खाली बोतल इधर फेंक दिया जाता है। 


खैर हकीकत जो भी हो लेकिन तस्वीरें जो बयाँ कर रही है वो यह है कि सहरसा में नशा के आदी लोगों के लिए अब भी शराब एवं कॉरेक्स आसानी से उपलब्ध है।