PATNA: बिहार के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में कार्यरत कर्मचारी 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। हड़ताल से पहले 30 जून को राज्य के सभी नगर निकायों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने घोषणा की है कि 30 जून को पटना नगर निगम मुख्यालय मौर्यलोक में प्रदर्शन होगा। इसके बाद शहर के विभिन्न अंचलों में प्रदर्शन और आमसभा कर कर्मियों को हड़ताल के लिए तैयार किया जाएगा।
पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अनुसार, सबसे पहले बांकीपुर अंचल में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद कंकड़बाग, पाटलिपुत्र, नूतन राजधानी, अजीमाबाद और पटना सिटी अंचल में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, हड़ताल की पूर्व संध्या पर 29 जुलाई को मौर्यलोक से मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि कर्मचारियों ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए दो वर्षों का समय दिया था। उन्होंने बताया कि समान काम के लिए समान वेतन के मुद्दे पर नगर विकास विभाग और यूनियन प्रतिनिधियों की एक समिति भी गठित की गई थी, लेकिन पिछले एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एक भी बैठक नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकार की मजदूर विरोधी मानसिकता स्पष्ट होती है।
इसके अलावा, बिहार के सभी स्थानीय निकाय कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में आमसभाएं भी आयोजित की जाएगी। गया में मगध प्रमंडल की आमसभा 5 जुलाई को होगी। पटना प्रमंडल की आमसभा 6 जुलाई को पटना में होगी। 10 जुलाई को तिरहुत प्रमंडल की मुजफ्फरपुर में, 12 जुलाई को दरभंगा प्रमंडल की दरभंगा में और 14 जुलाई को मुंगेर प्रमंडल की आमसभा बेगूसराय में आयोजित की जाएगी।
इसके बाद कोसी, भागलपुर और पूर्णिया प्रमंडल में भी आमसभाएं की जाएंगी। हड़ताल की पूर्व संध्या पर 29 जुलाई को राज्य के सभी नगर निकायों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। समिति के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने बताया कि हड़ताल और प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य दैनिक कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त करना, आउटसोर्स कर्मियों को निगम कर्मी के रूप में समायोजित करना, मानव बल की कथित चोरी पर रोक लगाना तथा एसीपी और एमएसीपी पर नगर विकास विभाग द्वारा लगाई गई रोक को वापस लेना है।





