Bihar News: बिहार में बालू खनन शुरू होने के बाद अब राज्य सरकार इसकी उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए खान एवं भूतत्व विभाग नए बालू घाटों की पहचान कर वहां से खनन शुरू कराने की योजना पर काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के आम नागरिकों और सरकारी विभागों को निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में बालू उपलब्ध कराना है, ताकि इसकी कमी के कारण विकास कार्य प्रभावित न हों।
खान एवं भूतत्व विभाग भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, गया और जमुई जिलों में नए बालू घाटों की पहचान कर वहां खनन शुरू करने की संभावनाएं तलाश रहा है। विभाग की योजना है कि नए घाटों से खनन शुरू होने पर राज्य में बालू की आपूर्ति बढ़ेगी और निर्माण कार्यों के लिए इसकी उपलब्धता बेहतर होगी।
नए घाटों से खनन शुरू कराने के साथ ही विभाग उन बालू घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दे रहा है, जिनकी नीलामी अब तक नहीं हो पाई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, राज्य में पीले बालू के 466 और उजले बालू के 541 घाट चिह्नित किए गए हैं। इनमें करीब 452 घाटों की नीलामी अभी बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। इससे लंबे समय से नीलामी की प्रतीक्षा कर रहे घाटों से खनन शुरू कराने का रास्ता साफ हो सकेगा।
विभाग का मानना है कि अधिक बालू घाटों के चालू होने से खनन का दायरा बढ़ेगा और बाजार में बालू की आपूर्ति में इजाफा होगा। इसके लिए नए घाटों से खनन शुरू कराने के साथ-साथ पहले से चिह्नित घाटों की बंदोबस्ती जल्द पूरी करने की कोशिश की जा रही है। सरकार की इस पहल से आने वाले समय में बालू की उपलब्धता बेहतर होने और निर्माण कार्यों के लिए इसकी आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है।





