Home Healthcare Services : 24 नवंबर 2005 से बिहार में सत्ता में रही वर्तमान सरकार ने न्याय और विकास के सिद्धांत को अपनाते हुए समाज के सभी वर्ग के उत्थान और राज्य के हर क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक सम्मान और सुविधा के साथ जीवन व्यतीत कर सके।
वर्ष 2025 से 2030 के लिए लागू सात निश्चय-3 योजना में सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ का लक्ष्य सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह योजना लागू की गई है।
इस पहल के तहत राज्य के बुजुर्गों को घर पर नर्सिंग सहायता, पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर और ईसीजी जांच, फिजियोथेरेपी और आपातकालीन चिकित्सकीय सेवाएं दी जाएंगी। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि ये सभी सेवाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बुजुर्ग अस्पताल जाने की झंझट से मुक्त होकर सुरक्षित और आरामदायक जीवन व्यतीत कर सकें।
ऐसे में यह पहल न केवल वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करेगी, बल्कि उन्हें मानसिक संतोष और आत्मनिर्भरता का भी अहसास दिलाएगी। घर पर उपलब्ध सेवाओं के कारण समय पर रोग की पहचान, नियमित देखभाल और आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता संभव होगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और आसान बनाने के लिए और कौन-कौन सी सुविधाएं दी जा सकती हैं, इसके सुझाव आम नागरिक भेज सकते हैं। यह सुझाव आने वाले सुधार और नई सेवाओं की दिशा तय करने में सहायक होंगे।
इस पहल से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार केवल विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव सेवा, सम्मान और जीवन की गुणवत्ता को भी उतना ही महत्व देती है। सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ बुजुर्गों के अधिकारों और उनकी सुविधाओं को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
सरकार का यह कदम वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों के लिए राहत और सुविधा का स्रोत बनेगा। घर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के कारण बुजुर्गों को अस्पताल जाने की परेशानी नहीं होगी और वे सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर सकेंगे।
भविष्य में इस पहल को और व्यापक बनाया जा सकता है ताकि राज्य के सभी नागरिक जीवन को आसान और सुरक्षित महसूस कर सकें। सरकार का यह प्रयास बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।






