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रैपिड ट्रेन से सिर्फ 60 मिनट में पटना से मुजफ्फरपुर, बिहार में कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

Bihar Rapid Train: बिहार सरकार ने पटना को मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और आरा से जोड़ने वाले चार रैपिड ट्रांजिट (RRTS) कॉरिडोर की DPR तैयार कराने को मंजूरी दी है। परियोजना पूरी होने पर पटना से मुजफ्फरपुर का सफर महज 60 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है।

Bihar Rapid Train
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Rapid Train: बिहार में हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन का सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने पटना को मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और आरा से जोड़ने वाले चार रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत योजना तैयार कराने को मंजूरी दे दी है। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी से इन प्रमुख शहरों तक की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।


उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में चारों रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर के लिए एलाइनमेंट अप्रूवल रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की स्वीकृति दी गई। इसके लिए सरकार ने 31.59 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।


राज्य सरकार जिन कॉरिडोर पर योजना तैयार कर रही है, उनमें पटना–गया, पटना–भागलपुर, पटना–सोनपुर–मुजफ्फरपुर और पटना–आरा शामिल हैं। इन कॉरिडोर के विकसित होने से लाखों यात्रियों को लाभ मिलेगा और बिहार में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।


वर्तमान में पटना से मुजफ्फरपुर पहुंचने में सामान्य ट्रेनों से लगभग तीन घंटे का समय लगता है, जबकि वंदे भारत एक्सप्रेस यह दूरी करीब डेढ़ घंटे में तय करती है। प्रस्तावित रैपिड ट्रेन शुरू होने के बाद यही सफर लगभग 60 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।


रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) एक आधुनिक हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जो मेट्रो और पारंपरिक रेलवे के बीच की कड़ी मानी जाती है। इसका उद्देश्य बड़े शहरों और आसपास के प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराना है। इस प्रणाली की ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक की परिचालन गति से चल सकती हैं, जबकि इनकी डिजाइन स्पीड इससे भी अधिक होती है।


देश का पहला RRTS कॉरिडोर दिल्ली–मेरठ के बीच संचालित हो रहा है, जहां नमो भारत ट्रेन लगभग 80 किलोमीटर की दूरी करीब 55 मिनट में तय करती है। बिहार सरकार भी इसी मॉडल को अपनाते हुए राज्य में आधुनिक रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क विकसित करने की तैयारी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से उद्योग, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी। साथ ही निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


फिलहाल सरकार ने परियोजना की योजना तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य कब शुरू होगा और बिहार की पहली रैपिड ट्रेन कब पटरी पर दौड़ती नजर आएगी।


रैपिड ट्रेन में यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

पूरी तरह वातानुकूलित (एसी) कोच

आरामदायक और एर्गोनॉमिक सीटें

मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट

डिजिटल सूचना एवं डिस्प्ले सिस्टम

कम शोर और कम कंपन वाला सफर

अत्याधुनिक फायर सेफ्टी एवं इमरजेंसी सिस्टम

प्रीमियम कोच में अतिरिक्त सुविधाएं

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता