ब्रेकिंग
वर्दी में रील बनाने वाले 40 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, सबसे ज्यादा इस जिले के बनाते हैं वीडियोगांधी और अंबेडकर को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, आजादी और संविधान पर छेड़ी नई बहस, जानिये क्या कहा?सम्राट के CM बनते ही सरकार का मिजाज बदला: सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को मिली सख्त चेतावनी, सुधर जाइये वर्ना होगा बड़ी कार्रवाईपटना में घर के अंदर पंखे से लटका मिला 45 वर्षीय व्यक्ति का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकाभागलपुर में अवैध संबंध का खौफनाक अंजाम: बहू ने प्रेमी संग मिलकर ससुर की कराई हत्या, 4 गिरफ्तारवर्दी में रील बनाने वाले 40 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, सबसे ज्यादा इस जिले के बनाते हैं वीडियोगांधी और अंबेडकर को लेकर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, आजादी और संविधान पर छेड़ी नई बहस, जानिये क्या कहा?सम्राट के CM बनते ही सरकार का मिजाज बदला: सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को मिली सख्त चेतावनी, सुधर जाइये वर्ना होगा बड़ी कार्रवाईपटना में घर के अंदर पंखे से लटका मिला 45 वर्षीय व्यक्ति का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकाभागलपुर में अवैध संबंध का खौफनाक अंजाम: बहू ने प्रेमी संग मिलकर ससुर की कराई हत्या, 4 गिरफ्तार

बिहार में सामूहिक सड़क हादसों को मिला आपदा का दर्जा, पीड़ितों को तुरंत मिलेगा मुआवजा

Bihar News: बिहार सरकार ने सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को फिर से विशेष आपदा घोषित कर दिया है, जिससे पीड़ित परिवारों और घायलों को तुरंत अनुग्रह अनुदान मिलेगा।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने सड़क हादसों के पीड़ितों को राहत देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को एक बार फिर ‘विशेष स्थानीय आपदा’ की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसका उद्देश्य हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और गंभीर रूप से घायलों को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।


जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में आपदा प्रबंधन विभाग ने सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को विशेष आपदा मानते हुए अनुग्रह अनुदान देने की व्यवस्था शुरू की थी। हालांकि, 2021 में परिवहन विभाग ने मोटर गाड़ी नियमावली में संशोधन कर इस प्रावधान को समाप्त कर दिया और मुआवजे के लिए अलग व्यवस्था लागू की गई।


नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह सामने आया कि मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के जरिए मुआवजा मिलने में काफी देरी होती है, जिससे पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत नहीं मिल पाती। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने मामले की समीक्षा की और अब सामूहिक दुर्घटनाओं को फिर से आपदा की श्रेणी में शामिल करने का फैसला लिया है।


इस फैसले के तहत मृतकों के निकटतम परिजनों और गंभीर रूप से घायलों को राज्य आपदा रिस्पॉन्स फंड के मानकों के अनुसार अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। इससे पीड़ितों को त्वरित आर्थिक सहायता मिलेगी और लंबी कानूनी प्रक्रिया से भी राहत मिलेगी।


इसके अलावा, सरकार ने 15 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 के बीच हुई सामूहिक दुर्घटनाओं के मामलों में भी राहत देने का निर्णय लिया है। इस अवधि में मुआवजे को लेकर असमंजस की स्थिति थी, क्योंकि 2015 की व्यवस्था को सितंबर 2021 में समाप्त कर दिया गया था और 2022 में हिट एंड रन मामलों में केंद्र के नए निर्देश लागू हुए थे।


अब सरकार ने तय किया है कि इस अंतरिम अवधि के पीड़ितों को 2015 के मानकों के अनुसार अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, यह सहायता केवल उन्हीं लोगों को मिलेगी जिन्हें किसी अन्य स्रोत से मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें