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Bihar Politics : गांधी मैदान नहीं! राजभवन में होगा नए CM का शपथ ग्रहण—इस्तीफे से पहले निशांत के लिए नीतीश ने कर दिया पूरा खेल सेट

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार का शपथ ग्रहण इस बार गांधी मैदान में नहीं बल्कि राजभवन में होगा।

Bihar Politics : गांधी मैदान नहीं! राजभवन में होगा नए CM का शपथ ग्रहण—इस्तीफे से पहले निशांत के लिए नीतीश ने कर दिया पूरा खेल सेट
Tejpratap
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Bihar Politics : बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। सत्ता के गलियारों में हलचल तेज है और नई सरकार के गठन की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।


सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक करेंगे और उसके बाद जेडीयू विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करेंगे। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहीं से बिहार की नई सत्ता का राजनीतिक संकेत स्पष्ट हो जाएगा। इस दौरान बिहार के मुखिया नीतीश कुमार निशांत की आगे की रणनीति भी तय करेंगे।


इसी बीच एनडीए खेमे में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जैसे ही मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे, उसके तुरंत बाद एनडीए के सभी विधायक पटना में एकत्र होंगे। यहीं पर विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी और इसके बाद सरकार गठन का दावा राज्यपाल के समक्ष पेश किया जाएगा।


सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में नहीं बल्कि सीधे राजभवन में आयोजित किया जाएगा। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण एक सादे और सीमित कार्यक्रम के तहत राजभवन में ही होगा, जिसमें सिर्फ चुनिंदा नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। पहले जहां बड़े स्तर पर गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होते रहे हैं, इस बार पूरी प्रक्रिया को औपचारिक और सादगीपूर्ण रखने की तैयारी है।


बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री और उनकी टीम राजभवन में शपथ ले सकती है। इसी दिन नई सरकार का औपचारिक गठन पूरा हो जाएगा। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से हो सकता है। इसको लेकर एनडीए के भीतर लगभग सहमति बनती दिख रही है। जेडीयू सांसद Ramprit Mandal ने भी संकेत दिए हैं कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा, जबकि जेडीयू को दो उपमुख्यमंत्री पद मिल सकते हैं।


इसी बीच सबसे दिलचस्प नामों में जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के पुत्र Nishant Kumar का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए सामने आ रहा है। पहले जहां वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे, अब पार्टी के भीतर उन्हें जिम्मेदारी देने पर गंभीर चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि यदि यह समीकरण बनता है, तो जेडीयू के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।


मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वर्तमान उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। पार्टी के अंदर उनके नाम को लेकर मजबूत समर्थन है और उन्हें संभावित मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai भी इस रेस में एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। संगठन और प्रशासनिक अनुभव के कारण उनका नाम भी गंभीरता से विचार में लिया जा रहा है।


इसी बीच एक और राजनीतिक मोड़ तब आया जब बिहार सरकार के मंत्री Lakhendra Paswan ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “बहुत जल्द सब कुछ साफ हो जाएगा,” जिसने राजनीतिक हलकों में और सस्पेंस बढ़ा दिया है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत है। एनडीए के भीतर शक्ति संतुलन बदल रहा है और सभी दल अपने-अपने हितों को साधने में लगे हुए हैं।


पटना से लेकर दिल्ली तक इस समय बिहार की राजनीति पर गहरी नजर बनी हुई है। अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि इन्हीं दिनों में यह तय होगा कि बिहार की नई सरकार की कमान किसके हाथ में होगी और राज्य की राजनीतिक दिशा किस ओर जाएगी। फिलहाल सस्पेंस बरकरार है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इस बार शपथ ग्रहण का मंच गांधी मैदान नहीं बल्कि राजभवन होगा—जहां सादगी के साथ बिहार की नई सत्ता का नया अध्याय शुरू होगा।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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