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Bihar Attendance App : बिहार में टीचर के अटेंडेंस को लेकर शिक्षा विभाग का नया आदेश, मंगलवार से हर हाल में करना होगा यह काम

पटना के सरकारी स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए बिहार अटेंडेंस एप के तहत पायलट प्रोजेक्ट लागू, 10 फरवरी से गैर-अनुपालन पर कार्रवाई।

Bihar Attendance App : बिहार में टीचर के अटेंडेंस को लेकर शिक्षा विभाग का नया आदेश, मंगलवार से हर हाल में करना होगा यह काम
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Attendance App : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत बिहार अटेंडेंस एप के माध्यम से शिक्षकों और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया गया है। विभाग ने इस दिशा में सख्ती बरतते हुए पटना जिले के सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।


10 फरवरी से होगी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी से उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होगी, जो बिहार अटेंडेंस एप पर शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट पहले पटना जिले के कुछ स्कूलों में लागू किया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि अगर यह प्रणाली सफल रही, तो इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। विभाग ने इस संबंध में डीईओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।


स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों के लिए आदेश

निर्देश के अनुसार, स्कूल के प्रिंसिपल को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षक और छात्र ऑनलाइन उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज करें। निदेशालय की ओर से रजिस्ट्रेशन और उपस्थिति की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में संबंधित स्कूल और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


टैबलेट के माध्यम से निगरानी

पटना जिले के 3400 स्कूलों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैबलेट का इस्तेमाल कर शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। जिले के 14 प्रखंडों में यह प्रणाली पहले से ही शुरू हो गई है। इस व्यवस्था के जरिए न केवल उपस्थिति, बल्कि स्कूल में होने वाली सभी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।


क्लास टीचर की जिम्मेदारी

क्लास टीचर को हर दिन कक्षा में उपस्थित बच्चों की फोटो और वीडियो बनाकर ई-शिक्षाकोष पर अपलोड करनी होगी। इसके अलावा, क्लास में पढ़ाई के दौरान भी फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर अपलोड करना अनिवार्य होगा। बच्चों का मिड डे मील खाते हुए वीडियो, स्कूल परिसर की साफ-सफाई और अन्य गतिविधियों की जानकारी भी एप पर अपलोड करनी होगी।


मासिक रिपोर्ट और हस्ताक्षर

हर महीने के अंत में शिक्षक और प्रिंसिपल को एकेडमिक सेशन में पूरे किए गए सब्जेक्ट वाइज कोर्स का विवरण अपडेट करना होगा। अपलोड की गई रिपोर्ट में स्कूल प्रिंसिपल और सभी शिक्षकों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। यदि कोई शिक्षक प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर नहीं करता है, तो उसे अनुपस्थित माना जाएगा।


शिक्षा स्तर सुधार में उम्मीद

शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह है कि इस प्रणाली के माध्यम से छात्रों की पढ़ाई और शिक्षक की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली से शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों का नियमित विद्यालय आना सुनिश्चित होगा।


पटना के सरकारी स्कूलों में यह कदम शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों और शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, जिससे बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर समग्र रूप से सुधार सके।