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पटना का CO सबसे ताकतवर ! HC के आदेश पर DM ने जांच की, भारी गड़बड़ी मिलने पर सस्पेंड किया गया, निलंबन मुक्त हुए तो दुबारा 'राजधानी' में ही पोस्टिंग ली, है न आश्चर्यजनक ?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पटना के फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंदन कुमार पर गंभीर आरोप साबित होने और सस्पेंड होने के बावजूद उन्हें निलंबन मुक्त कर पटना सिटी में फिर से तैनात कर दिया गया।

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Viveka Nand
4 मिनट

Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग किस कदर बेपटरी है, एक और उदाहरण बताते हैं. यहां आरोपी अंचल अधिकारियों को किस तरह से सम्मानित किया जाता है, इसकी बानगी देखिए....। पटना के एक अंचल के अंचलाधिकारी (CO) ने बड़ा खेल किया. हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी ने सीओ दफ्तर की जांच की. भारी गड़बड़ी मिलने के बाद जिलाधिकारी ने उक्त अंचल अधिकारी को सस्पेंड करने की अनुशंसा किया. डीएम की रिपोर्ट के बाद आरोपी सीओ को सस्पेंड भी किया गया. फिर उसे निलंबन मुक्त कर दुबारा राजधानी के दूसरे अंचल में पोस्टिंग दे दी गई. राजस्व विभाग के पत्र से ही इस मामले का खुलासा हुआ है. हालांकि पटना में पदस्थापित उक्त अंचल अधिकारी के खिलाफ लगे सभी आरोप प्रमाणित पाए गए हैं. विभागीय जांच अधिकारी की रिपोर्ट के बाद आरोपी सीओ के खिलाफ दंड का निर्धारण किया गया है.   

लापरवाह सीओ की वजह से डीएम को हाईकोर्ट में पेश होना पड़ा था

पटना के जिलाधिकारी ने 1 अक्टूबर 2022 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पत्र भेजा. जिसमें फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंदन कुमार को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी. अंचल अधिकारी चंदन कुमार पर कई गंभीर आरोप थे. सीओ की लापरवाही की वजह से पटना डीएम को हाईकोर्ट में पेश होना पड़ा था. डीएम की रिपोर्ट में कहा गया था कि सी०डब्लू० जे०सी० सं0-13619/2022 (अखिलेश कुमार गुप्ता बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) में अंचल अधिकारी, फुलवारीशरीफ ने अतिक्रमण वाद में लापरवाही बरती. गलत प्रपत्र में नोटिस निर्गत करने के कारण न्यायालय में सदेह उपस्थित होना पड़ा। 

जिलाधिकारी की अनुशंसा पर आरोपी सीओ हुए थे सस्पेंड

पटना उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान दिये गये निदेश के आलोक में जिलाधिकारी ने 22 सितंबर 2022 को अंचलं कार्यालय, फुलवारीशरीफ में अतिक्रमण वाद से संबंधित लंबित अभिलेखों की जाँच की. जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि अंचल अधिकारी, फुलवारीशरीफ ने विहित प्रपत्र में नोटिस निर्गत नहीं किया था. अभिलेख का संधारण भी सही तरीके से नहीं की जा रही थी. कई अभिलेखों में पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया गया था। कई अभिलेख अनेक तिथियों से उपस्थापित नहीं थे। अभी अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज के 4920 मामले प्रक्रियाधीन थे, जिसमें से 52 आवेदन 75 दिनों से अधिक समय से लंबित पाए गए. 35 आवेदन को Traceless बताया गया.

विभागीय जांच में आरोप सही साबित हुए 

जिलाधिकारी ने इन आरोपों के लिए फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंदन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की अनुशंसा की थी. जिलाधिकारी की अनुशंसा के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आरोपी सीओ को 8 अक्टूबर 2022 को सस्पेंड कर दिया था. लगभग एक साल सस्पेंड रखने के बाद विभाग ने 17 अक्टूबर 2023 को निलंबन मुक्त किया. निलंबन मुक्ति के कुछ दिनों बाद फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचलाधिकारी चंदन कुमार को पटनासिटी अंचल का सीओ बना दिया गया. हालांकि गंभीर आरोपों को लेकर विभागीय कार्यवाही भी शुरू की गई थी. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी ने सारे आरोप सही पाए. इसके बाद जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को उपलब्ध कराया. 

जुर्म में मिली यह सजा....

अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फुलवारीशरीफ अंचल के तत्कालीन अंचल अधिकारी, जो वर्तमान में पटना सिटी के अंचल अधिकारी हैं, इनके खिलाफ संचयी प्रभाव के साथ दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड निर्धारित किया गया है. 

पटना का CO सबसे ताकतवर ! HC के आदेश पर DM ने जांच की, भारी गड़बड़ी मिलने पर सस्पेंड किया गया, निलंबन मुक्त हुए तो दुबारा 'राजधानी' में ही पोस्टिंग ली, है न आश्चर्यजनक ?

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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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