Bihar News: जो काम दूसरे राज्यों में संभव नहीं, वो बिहार कर के दिखाता है. यहां सड़क बनाने पर ध्यान नहीं, बिना सड़क के पुलिया बनाने पर फोकस रहता है. बिना सड़क पुलिया का क्या मतलब वो ठेकेदार और अधिकारी ही बता सकते हैं. नीतीश कुमार के कार्यकाल में यह खेल धड़ल्ले से हुआ. सरकारी राशि का जमकर बंदरबांट किया गया. मोतिहारी में ऐसा ही खेल हुआ है, बीच चंवर में लाखों की सरकारी राशि से पुलिया तो बना दिया गया, पर आज तक सड़क नहीं बनी.
मोतिहारी जिले में मनरेगा योजना में अफसर और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से गजब का खेल हुआ है. मनरेगा का पैसा लूटने का गजब का फार्मूला तैयार किया गया. नदी की पेटी में बिना सड़क के ही लाखों खर्च कर चार-चार पुलिया का निर्माण हो गया. पुलिया निर्माण का वीडियो व फोटो देखकर कोई भी चौंक जायेगा.
यह मामला मोतिहारी जिले के केसरिया प्रखंड क्षेत्र के ठेकहां पंचायत का है. गंडक नदी की पेटी में मनरेगा योजना के तहत बनाये गए चार पुलिया का फोटो वीडियो बना चर्चा का विषय बना हुआ है. चंवर में जहां न कोई रास्ता है, न हीं वहां पुलिया की कोई आवश्यकता है, वहां लाखों खर्च कर पुलिया का निर्माण करा दिया गया. बताया जाता है कि कार्य मनरेगा योजना के तहत हुआ है.
स्थानीय लोग अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत की बात कह रहे. केसरिया प्रखंड के ढेकहां पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित मझरिया गांव में नदी की पेटी के भीतर बनाया गया दो पुलिया की तस्वीर सामने आई है. इनमें से एक पुलिया ऐसे स्थान पर निर्मित है, जहां कोई सड़क-रास्ता नहीं है, वह क्षेत्र नदी का हिस्सा माना जाता है। वहीं दूसरे पुलिया के निर्माण में ईंट से तैयार गिट्टी का उपयोग किए जाने से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि यहां पुलिया निर्माण की कोई आवश्यकता नहीं थी। आरोप है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग कर अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से यह खेल किया गया है. इसी पंचायत के वार्ड 11 में भी दो पुलिया बनाए गए हैं, जिनमें एक गाइड बांध के समीप नदी क्षेत्र में तथा दूसरा सत्तरघाट माई स्थान के पास स्थित है।
केसरिया प्रखंड के मनरेगा पीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि चंवर में बने पुलिया का स्थल निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों द्वारा इसकी आवश्यकता बतायी गयी है। प्रति पुलिया निर्माण पर लगभग साढ़े चार लाख खर्च हुआ है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल उठता कि जहां कोई रास्ता ही नहीं है तो वहां पुलिया की क्या जरूरत?





