ब्रेकिंग
बिहार में खुलेंगे 17 नए मेडिकल कॉलेज, 16 पुराने अस्पताल भी PPP मॉडल के तहत होंगे विकसित; सरकार ने मांगे प्रस्तावभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को दिया यह निर्देशनेपाल में भारी बारिश से कोसी नदी में उफान, बराज के 11 फाटक खोले गए; बिहार में हाई अलर्टट्रैफिक चालान नियमों में बड़ा बदलाव: 50 प्रतिशत पैसा जमा करने के बाद ही जा सकेंगे लोक अदालत, समय-सीमा हुई तयछपरा- नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन का शेड्यूल जारी, पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहतबिहार में खुलेंगे 17 नए मेडिकल कॉलेज, 16 पुराने अस्पताल भी PPP मॉडल के तहत होंगे विकसित; सरकार ने मांगे प्रस्तावभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को दिया यह निर्देशनेपाल में भारी बारिश से कोसी नदी में उफान, बराज के 11 फाटक खोले गए; बिहार में हाई अलर्टट्रैफिक चालान नियमों में बड़ा बदलाव: 50 प्रतिशत पैसा जमा करने के बाद ही जा सकेंगे लोक अदालत, समय-सीमा हुई तयछपरा- नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन का शेड्यूल जारी, पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहत

BIHAR NEWS : बिहार में NH किनारे मकान-दुकान बनाने पर लगेगी रोक! 15-15 मीटर तक निर्माण पर प्रतिबंध की तैयारी

बिहार सरकार जल्द ही एक सख्त नीति लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर 15-15 मीटर तक किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण पर रोक लगाई जा सकती है।

BIHAR NEWS : बिहार में NH किनारे मकान-दुकान बनाने पर लगेगी रोक! 15-15 मीटर तक निर्माण पर प्रतिबंध की तैयारी
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

BIHAR NEWS : अगर आप नेशनल हाईवे के किनारे घर, दुकान या किसी अन्य स्थायी निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बिहार सरकार जल्द ही एक सख्त नीति लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर 15-15 मीटर तक किसी भी प्रकार के स्थायी निर्माण पर रोक लगाई जा सकती है। पथ निर्माण विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है और इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।


दरअसल, राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से नई नीति बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, नेशनल हाईवे के दोनों ओर 15 मीटर की दूरी तक मकान, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान या अन्य स्थायी ढांचे के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा में सुधार होगा और भविष्य में सड़कों के चौड़ीकरण एवं विस्तार कार्यों में भी कोई बाधा नहीं आएगी।


पथ निर्माण विभाग इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर चुका है। अब इस पर शासन स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। यह पहल सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के बाद की जा रही है, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने और उनके किनारे अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाने की आवश्यकता जताई गई थी।


नई नीति को अंतिम रूप देने से पहले राज्य के विभिन्न विभागों से राय और सुझाव लिए जा रहे हैं। चूंकि यह मामला सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अतिक्रमण से जुड़ा हुआ है, इसलिए ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, विधि विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जा रहा है। सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद यह नियम पूरे बिहार में लागू किया जा सकता है।


यह नया प्रावधान बिहार से गुजरने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से प्रभावी होगा। ऐसे में जिन लोगों की जमीन नेशनल हाईवे के किनारे स्थित है, उनके लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर कृषि कार्य, पौधारोपण और अन्य अस्थायी गतिविधियां जारी रह सकेंगी, लेकिन 15 मीटर की सीमा के भीतर मकान, दुकान, गोदाम या अन्य स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति के लागू होने से सड़क हादसों में कमी आएगी, अतिक्रमण पर नियंत्रण होगा और भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। हालांकि, इस प्रस्ताव का असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे व्यावसायिक या आवासीय निर्माण की योजना बना रहे हैं।


अब सभी की निगाहें राज्य कैबिनेट के फैसले पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो बिहार में नेशनल हाईवे के किनारे निर्माण को लेकर नए नियम लागू हो जाएंगे और लोगों को निर्माण कार्य शुरू करने से पहले निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।