PATNA: कांग्रेस के नेता राहुल गांधी लगातार ईवीएम में गड़बड़ी होने से लेकर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस पार्टी बैलेट पेपर से वोटिंग कराने की भी मांग करती रही है. लेकिन इसी बीच बिहार में विधान परिषद का चुनाव हुआ और इसमें कांग्रेस की शर्मनाक स्थिति रही है. हाल तो ये हुआ कि पटना क्षेत्र में कांग्रेस कैंडिडेट को सिर्फ 21 वोट मिले हैं.
बता दें कि विधान परिषद चुनाव में आरजेडी ने कांग्रेस से तालमेल करने से इंकार कर दिया था. इसके बाद कांग्रेस ने अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया. लेकिन पार्टी की भारी दुर्गति हुई. जिन 8 सीटों पर चुनाव हुए, उनमें से एक पर कांग्रेस का पहले से कब्जा था. लेकिन कांग्रेस वह सीट भी हार गई.
पटना में सिर्फ 21 वोट
कांग्रेस की सबसे शर्मनाक स्थिति पटना में हुई. पटना शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दो सीटों पर चुनाव हुआ. दोनों पर पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस ने संजय कुमार तो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से असद उल्लाह खां को कैंडिडेट बनाया था. लेकिन दोनों उम्मीदवारों की दुर्दशा हो गई.
सबसे बुरी हालत पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार संजय कुमार की हुई. उन्हें चुनाव में सिर्फ 21 वोट मिले. कई बेनाम निर्दलीय उम्मीदवारों को भी कांग्रेस के कैंडिडेट से ज्यादा वोट मिले.
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी कांग्रेस की शर्मनाक स्थिति
कांग्रेस की लगभग ऐसी ही शर्मनाक स्थिति पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भी हुई. पटना स्नातक क्षेत्र में कुल 49 हजार 37 वैलिड वोट पाये गये. यहां कांग्रेस उम्मीदवार को कुल 971 वोट हासिल हुए. कांग्रेस के कैंडिडेट को कुल वोट का 2 परसेंट भी प्राप्त नहीं हुआ.
विधान परिषद चुनाव को अगर पैमाना माने तो ये साफ है कि आरजेडी के बगैर बिहार में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं दिखता. वहीं, ईवीएम से वोट चोरी का राहुल गांधी का नैरेटिव भी कमजोर पड़ा है.
पटना से ब्यूरो रिपोर्ट





