ब्रेकिंग
‘भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में..’, महापंचायत में पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सरकार को चेतायामोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भीषण सड़क हादसा: ऑटो और पिकअप वैन की टक्कर में चार लोगों की मौत, चार घायलपुलिस वैन में रुपये बांटने का वीडियो वायरल, महिला ASI समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड‘भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में..’, महापंचायत में पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सरकार को चेतायामोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भीषण सड़क हादसा: ऑटो और पिकअप वैन की टक्कर में चार लोगों की मौत, चार घायलपुलिस वैन में रुपये बांटने का वीडियो वायरल, महिला ASI समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड

ब्लैक फंगस ने एक बार फिर से डराया, पटना में 5 महीने बाद हुई एक व्यक्ति की मौत

PATNA : कोरोना की चौथ की लहर की आशंका के बीच ब्लैक संघर्ष ने एक बार फिर से लोगों को डराया है। राजधानी पटना में पांच महीने बाद ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत र

ब्लैक फंगस ने एक बार फिर से डराया, पटना में 5 महीने बाद हुई एक व्यक्ति की मौत
Editor
2 मिनट

PATNA : कोरोना की चौथ की लहर की आशंका के बीच ब्लैक संघर्ष ने एक बार फिर से लोगों को डराया है। राजधानी पटना में पांच महीने बाद ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत राजवंशी नगर स्थित एक निजी हॉस्पिटल होली प्रॉमिस में ऑपरेशन के बाद हुई।


सोमवार को ऑपरेशन के बाद मरीज की एक आंख, जबड़ा, सभी दांत और तालू को पूरी तरह से निकाल दिया गया था। उसके बाद से उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ऑपरेशन में ईएनटी, आई और मैक्सोफेशियल के डॉक्टर शामिल थे। ऑपरेशन करने वाले एक डॉक्टर के मुताबिक दानापूर के रहने वाले राजन कुमार तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराए गए थे।


47 साल के राजन का ब्लैक फंगस से पीड़ित होने के कारण नाक, जबड़ा और तालू की हड्डी लगभग गल चुकी थी। आंख के पीछे भी काफी संक्रमण फैल चुका था। उन्होंने बताया कि राजन कुमार को न तो डायबिटीज था और न ही कभी वे कोरोना से ग्रसित हुए थे। बावजूद इसके ब्लैक फंगस से पीड़ित हो गए थे। इससे पहले दूसरी लहर के बाद पिछले वर्ष जन के तीसरे सप्ताह से पटना में ब्लैक फंगस का प्रकोप तेजी से बढ़ा था। ब्लैक फंगस का प्रकोप अगस्त-सितंबर तक जारी रहा था। अक्टूबर के अंत तक इसका प्रकोप बहुत कम हो गया था।

टैग्स