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Bihar Land: बिहार में फ्लैट की भूमि के लिए दाखिल-खारिज पर लगी अस्थायी रोक, विभाग जल्द जारी करेगा नई गाइडलाइन

Bihar Land: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फ्लैट मालिकों के नाम पर अपार्टमेंट की भूमि की दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसको लेकर जल्द ही नई गाइडवाइंस जारी की जाएगी।

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Land: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फ्लैट मालिकों के नाम पर अपार्टमेंट की भूमि की दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस फैसले से फ्लैट मालिकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रोक अस्थायी है और सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव होने के बाद प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी जाएगी।


विभाग की ओर से बताया गया है कि अपार्टमेंट की भूमि तथा फ्लैटधारकों को आवंटित हिस्से की दाखिल-खारिज के लिए नई प्रक्रिया तैयार की जा रही है। जब तक यह प्रक्रिया लागू नहीं हो जाती, तब तक फ्लैट मालिक न तो ऑनलाइन आवेदन करें और न ही अंचल कार्यालय जाएं। इस संबंध में विभाग पहले ही सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर चुका है। पत्र में बताया गया है कि बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011 एवं 2012 के तहत रैयतों और भू-धारियों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर अंचल स्तर पर दाखिल-खारिज की जाती है।


हाल ही में विभाग को यह सूचना मिली है कि कुछ अंचलों में फ्लैटधारकों के नाम पर अपार्टमेंट की भूमि का दाखिल-खारिज किया जा रहा है, जबकि ऐसा कोई प्रविधान न तो अधिनियम में है और न ही विभागीय सॉफ्टवेयर में। विभाग का कहना है कि अपार्टमेंट के निबंधन के बाद फ्लैट खरीदारों को ज़मीन अवश्य मिलती है, लेकिन वह भूमि चिह्नित नहीं होती कि कौन-सा हिस्सा किस फ्लैट से जुड़ा है। जबकि दाखिल-खारिज में ज़मीन की चौहद्दी (सीमांकन) जरूरी होती है।


ऐसे में फ्लैट मालिकों के नाम पर जमीन का दाखिल-खारिज भविष्य में कानूनी और तकनीकी जटिलताएं पैदा कर सकता है। अभी इस पूरे विषय पर विभाग स्तर पर नई प्रक्रिया और सॉफ्टवेयर का विकास जारी है। इसलिए तब तक किसी भी प्रकार की दाखिल-खारिज या जमाबंदी की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।