Bihar News: कर्तव्य, तत्परता और इंसानियत का ऐसा जज्बा जो हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा कर दे। कटिहार रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब चितपुर एक्सप्रेस से जोगबनी जा रहे एक यात्री तेजन मंडल को अचानक दिल का तेज दौरा पड़ा और वे बेसुध होकर गिर पड़े। जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे यात्री की सांसें थमने ही वाली थीं कि वहां तैनात आरपीएफ (RPF) की जांबाज सब-इंस्पेक्टर सारिका देवदूत बनकर सामने आईं।
घटना की भनक लगते ही सब-इंस्पेक्टर सारिका ने एक पल की भी देरी नहीं की। आपात स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला और बिना वक्त गंवाए यात्री को लगातार सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया। सारिका की सूझबूझ और सटीक कोशिशों ने आखिरकार चमत्कार कर दिखाया और यात्री की उखड़ती सांसें लौट आईं और नब्ज फिर से चलने लगी।
स्थिति संभलते ही त्वरित एक्शन लेते हुए यात्री को फौरन कटिहार सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर सारिका मैडम ने सेकंड भर की भी देरी की होती, तो अनहोनी टलना मुश्किल था। इस दिलेरी और तत्परता की खबर पूरे कटिहार जिले में आग की तरह फैल गई है।
सोशल मीडिया से लेकर स्टेशन के चौराहों तक, हर कोई आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर सारिका के इस अदम्य साहस को सलाम कर रहा है और उनकी तारीफों के कसीदे पढ़ रहा है। खाकी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून का डंडा नहीं, संकट में सबसे बड़ा सहारा भी है।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर सारिका मैडम ने सेकंड भर की भी देरी की होती, तो अनहोनी टलना मुश्किल था। इस दिलेरी और तत्परता की खबर पूरे कटिहार जिले में आग की तरह फैल गई है। सोशल मीडिया से लेकर स्टेशन के चौराहों तक, हर कोई आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर सारिका के इस अदम्य साहस को सलाम कर रहा है और उनकी तारीफों के कसीदे पढ़ रहा है। खाकी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून का डंडा नहीं, संकट में सबसे बड़ा सहारा भी है।
रिपोर्ट- विनय कुमार, कटिहार





