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Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की ई-मापी की निगरानी होगी सख्त, समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने अमीनों के कार्य की मांगी रिपोर्ट

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन की ई-मापी को लेकर बढ़ती शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने अमीनों के कार्य की रिपोर्ट मांगी और भूमि विवाद रोकने के लिए उच्चस्तरीय जांच व कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Bhumi: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लगातार तीसरे दिन अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय कार्यों की विस्तृत और गहन समीक्षा की। बैठक में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


बैठक में राज्य में बड़ी संख्या में बढ़ते भूमि विवाद और गलत कागजात तैयार करने वाले माफिया तत्वों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे तत्व आम जनता को न्यायालय तक परेशान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की शिकायत मिलते ही उच्चस्तरीय टीम बनाकर जांच कराई जाएगी तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो केंद्र सरकार के सहयोग से ऐसे मामलों को रोकने के लिए नया कानून भी बनाया जाएगा।


ई-मापी से संबंधित बढ़ती शिकायतों का जिक्र करते हुए विजय सिन्हा ने निर्देश दिए कि इसकी सख्त मॉनिटरिंग कराई जाए ताकि रैयतों को जमीन मापी में आसानी हो और अमीनों की मनमानी रुके। उन्होंने सभी अंचलों के अमीनों के कार्यों का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा। साथ ही उन्होंने बताया कि अब ई-मापी रिपोर्ट के लिए विभाग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा अनिवार्य किया जा रहा है।


राज्य में जमीन के पुराने कागजात कैथी लिपि में होने से नागरिकों को हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए उपमुख्यमंत्री ने जिलावार कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल बनाने और उनकी सूची अंचल कार्यालयों में लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। बैठक में उन्होंने बिहारभूमि पोर्टल के उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।


आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में यह सूचना प्रसारित करने को कहा कि रजिस्ट्री के 90 दिनों के भीतर दाखिल–खारिज हेतु आवेदन अवश्य करें, ताकि कार्य नियमानुकूल समय पर करवा सकें।


इस दौरान विभाग के सचिव जय सिंह, सचिव गोपाल मीणा, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, चकबंदी निदेशालय के निदेशक राकेश कुमार, भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की निदेशक जे प्रियदर्शिनी, भू अर्जन निदेशालय के निदेशक कमलेश कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ महेंद्र पॉल, सहायक निदेशक आजीव वत्सराज, मोना झा, ओएसडी मणिभूषण किशोर, सुधा कुमारी, सोनी कुमारी, अनुपम प्रकाश, आईटी मैनेजर आनंद शंकर,गजेटियर सेक्शन के संयुक्त राज्य संपादक नरेश कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता