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बिहार में जीविका दीदियों को मिला नया टास्क: बिजली कार्यालयों के लिए करना होगा अब यह काम, JEEVIKA और SBPDCL के बीच करार

Bihar News: बिहार में जीविका दीदियों को 65 बिजली कार्यालयों में स्वच्छता का नया टास्क मिला है. SBPDCL के साथ समझौते से महिलाओं को रोजगार और सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा.

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली जीविका दीदियां अब स्वच्छता दूत के रूप में भी अपनी पहचान बना रही हैं। हाल ही में ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) और साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद इन दीदियों ने बिजली विभाग के 65 कार्यालयों में साफ-सफाई का कमान संभाला है।


जीविका दीदियां पहले से ही विभिन्न सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के साथ हुए समझौते के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों,  जिला अस्पतालों एवं अनुमंडल अस्पतालों में साफ-सफाई का कार्य उनके हाथों पहले से चल जा रहा है। राज्य के सभी आवासीय अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यालयों,  पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग के आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में भी यह जिम्मेदारी उनकी ओर से बखूबी निभाई जा रही है। 


इसी क्रम में, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के सभी कार्यालयों में भी साफ-सफाई की सेवाए दीदियों की सौंपी गई है। विभागीय पदाधिकारियों का कहना है कि इससे सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। एसबीपीडीसीएल के साथ इस नई साझेदारी से न केवल रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा, बल्कि जीविका दीदियों की भूमिका और भी सशक्त होगी। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य विभागों और संस्थानों में भी लागू करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।


वर्तमान में राज्य भर में 700 से अधिक इकाइयों में जीविका दीदियां साफ-सफाई सेवाएं प्रदान कर रही हैं, जिससे 7000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। इन दीदियों की मासिक आय 8,000 से 12,000 तक है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


बता दें कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता का काम जीविका समूहों को सौंपने की पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और सेवा गुणवत्ता में सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में इस मॉडल को अन्य संस्थानों में भी लागू करने का प्रयास होगा। 

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता