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शराबबंदी की साख पर सवाल: जदयू महासचिव राजेश रजक शादी में शराब पीते गिरफ्तार

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद सत्ताधारी जदयू के जिला महासचिव राजेश रजक को शादी समारोह में शराब के नशे में हंगामा करते हुए गिरफ्तार किया गया। यह घटना सरकार की शराबबंदी नीति और पार्टी की आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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जेडीयू नेता अरेस्ट
© google
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KATIHAR: बिहार में पिछले 9 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पूर्ण शराबबंदी नीति को एक बार फिर उनकी ही पार्टी के पदाधिकारी ने कठघरे में खड़ा कर दिया है। शनिवार की रात कटिहार के मनिहारी नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 2 में एक शादी समारोह के दौरान शराब के नशे में हंगामा करते पकड़े गए जदयू जिला महासचिव राजेश रजक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 


ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की तो राजेश रजक के शराब पीने की पुष्टि हुई। मनिहारी थाना में मद्य निषेध अधिनियम के तहत कांड संख्या 155/25 दर्ज कर पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सत्ताधारी दल की नीति और प्रतिबद्धता पर भी सवाल खड़ा करती है।


गौरतलब है कि इससे पहले भी नारायणपुर फोरलेन के पास एक अन्य जदयू नेता को शराब पीने के आरोप में जेल भेजा गया था। उस समय पार्टी ने तत्काल प्रभाव से उक्त जेडीयू नेता को पदमुक्त कर दिया था। अब एक और जेडीयू नेता द्वारा शराबबंदी कानून की खुलेआम अवहेलना किए जाने से मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की साख को गहरा आघात लगा है। 


प्रदेश में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद लगातार सामने आ रहे इस तरह के मामले यह संकेत दे रहे हैं कि पार्टी के भीतर ही कुछ लोग सरकार की नीति को कमजोर कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या ऐसे नेताओं पर सिर्फ गिरफ्तारी से काम चलेगा या फिर पार्टी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी?


कटिहार से सोनू चौधरी की रिपोर्ट