Weather Update Bihar: बिहार में मौसम ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दो प्रमुख मौसमी परिस्थितियों पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त पुरवा हवाओं के कमजोर पड़ने के कारण बारिश का सिस्टम नहीं बन पा रहा है। इसका असर है कि राज्य में अधिकतम तापमान असामान्य रूप से बढ़कर 45 डिग्री के आसपास पहुंच गया है, जिससे अधिकतर शहर भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्यतः इतना अधिक तापमान मई के दूसरे सप्ताह से जून के मध्य के बीच देखने को मिलता है। एक साथ 10 से 12 शहरों का तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच पहुंचना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से गंभीर चेतावनी है। पर्यावरणविद और जलवायु विशेषज्ञ डॉ. प्रधान पार्थ सारथी के मुताबिक, पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के लिए पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार होते हैं। जब ये मजबूत रहते हैं तो मैदानी क्षेत्रों में बारिश की स्थिति बनती है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है।
इस वर्ष बारिश के दिनों में कमी देखी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक आशीष कुमार के अनुसार, मार्च-अप्रैल के दौरान अब तक 10 से 12 दिन बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अप्रैल-मई में आमतौर पर बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवा और शुष्क पछुआ के मेल से दोपहर बाद बारिश का सिस्टम बनता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया कमजोर रही है। हालांकि झारखंड तक पुरवा हवाओं की पहुंच बेहतर बनी हुई है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भौगोलिक परिस्थितियां इस स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। पहले गया को बिहार का सबसे गर्म शहर माना जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में बक्सर में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। बक्सर अब पछुआ हवाओं के प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम बिहार के हिस्से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
पटना सहित शहरी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान का असर और भी अधिक स्पष्ट है। दिन में पछुआ हवाएं गर्मी लेकर आती हैं, जिन्हें ऊंची इमारतें अवशोषित कर लेती हैं। शाम के समय जब पुरवा हवाएं चलती भी हैं, तब भी वे इन इमारतों के उष्म प्रभाव को कम नहीं कर पातीं। साथ ही, ये इमारतें नमी को भी सोख लेती हैं। कंक्रीट संरचनाओं की बढ़ती संख्या के कारण तापमान का प्रभाव और अधिक तीव्र होता जा रहा है।
मौसम विभाग ने आज बिहार के 6 जिलों में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। वहीं, 5 जिलों में मौसम थोड़ा राहत भरा रह सकता है, जहां बूंदाबांदी या आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं।
राज्य के अन्य हिस्सों में तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी बनी रहेगी, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पटना समेत दक्षिण बिहार में 28 अप्रैल के बाद मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। यदि उत्तर बिहार में सक्रिय हो रही मौसमी प्रणाली का असर दक्षिण बिहार तक पहुंचता है, तो वहां भी बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।
