Bihar News: बिहार के स्नातक छात्रों के लिए रोजगार से जुड़ी एक नई पहल शुरू होने जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के चयनित कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अप्रेंटिसशिप करने का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।
इस योजना को अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) के तहत लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ना और छात्रों को डिग्री के साथ रोजगार योग्य कौशल उपलब्ध कराना है।
चार विश्वविद्यालयों के 13 कॉलेजों में होगी शुरुआत
इस कार्यक्रम की शुरुआत बिहार के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों के 13 अंगीभूत कॉलेजों से की जाएगी। इसमें और के चयनित कॉलेज शामिल हैं।
सरकार की योजना है कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिले।
पढ़ाई का 75 प्रतिशत हिस्सा, 25 प्रतिशत इंडस्ट्री ट्रेनिंग
AEDP कार्यक्रम के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में अकादमिक पढ़ाई के साथ उद्योग आधारित प्रशिक्षण को जोड़ा जाएगा। इसमें करीब 75 प्रतिशत हिस्सा नियमित शैक्षणिक अध्ययन का होगा, जबकि 25 प्रतिशत हिस्सा इंडस्ट्री स्किल और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर आधारित रहेगा।
कार्यक्रम के तीसरे वर्ष में छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी। इसी दौरान उन्हें कंपनियों या संस्थानों में काम करने का मौका मिलेगा और हर महीने 12,300 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
अप्रेंटिसशिप के बाद नौकरी की संभावना
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अप्रेंटिसशिप पूरी करने वाले छात्रों को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं। जिन उद्योगों या संस्थानों में विद्यार्थी प्रशिक्षण लेंगे, वहां उन्हें नौकरी के लिए प्राथमिकता मिलने की संभावना रहेगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं में रोजगार क्षमता बढ़ेगी और स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी तलाशने में आसानी होगी।
इन पाठ्यक्रमों में मिलेगा लाभ
योजना के तहत रोजगार से जुड़े कई नए पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। विज्ञान संकाय में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे कोर्स शामिल हैं। वहीं वाणिज्य संकाय में बैंकिंग, फाइनेंस, इंश्योरेंस (BFSI), रिटेल ऑपरेशंस और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
कला संकाय में कंटेंट और क्रिएटिव राइटिंग जैसे रोजगार आधारित कोर्स को भी शामिल किया गया है।
शिक्षा और रोजगार के बीच बनेगा मजबूत संबंध
बिहार सरकार का लक्ष्य है कि उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जाए। अप्रेंटिसशिप आधारित यह मॉडल छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही कार्य अनुभव देगा, जिससे वे नौकरी के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे।
नई व्यवस्था से छात्रों को डिग्री के साथ कौशल, अनुभव और आर्थिक सहायता तीनों का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।





