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Bihar Teacher: बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में होगा बड़ा बदलाव, ACS सिद्धार्थ ने शिक्षकों को दी बड़ी जिम्मेदारी

Bihar Teacher: बिहार सरकार अब सरकारी विद्यालयों को केवल शिक्षा प्रदान करने वाले केंद्र नहीं, बल्कि हरियाली और बागवानी के मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अग्रसर है.

Bihar Teacher: बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में होगा बड़ा बदलाव, ACS सिद्धार्थ ने शिक्षकों को दी बड़ी जिम्मेदारी
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar Teacher: बिहार सरकार अब सरकारी विद्यालयों को केवल शिक्षा प्रदान करने वाले केंद्र नहीं, बल्कि हरियाली और बागवानी के मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अग्रसर है। शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मानसून के मौसम में राज्य के 824 सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाएगा, और छात्रों को पौधों की देखभाल व बागवानी के गुर सिखाए जाएंगे।


इस पहल का उद्देश्य केवल स्कूल परिसरों में हरियाली बढ़ाना नहीं है, बल्कि छात्रों को प्रकृति से जोड़ना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। स्कूलों में लगाए गए पौधों की देखरेख छात्र और शिक्षक मिलकर करेंगे, जिससे बच्चों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।


इस योजना के अंतर्गत हर विद्यालय में केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को बागवानी की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। शिक्षक उन्हें यह बताएंगे कि पौधों को नियमित रूप से पानी देना, मिट्टी को साफ रखना, खाद डालना, और कीटों से कैसे बचाना है। इस क्रियाशील प्रक्रिया से बच्चों में प्रकृति के प्रति आत्मीयता और संरक्षण की भावना विकसित होगी।


हर स्कूल को इस परियोजना के लिए ₹5,000 की राशि जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से दी जा रही है। इस राशि का उपयोग कुदाल, खुरपी, पाइप, पानी की टंकी, कंटीले तार जैसे बागवानी उपकरण खरीदने में किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जिन स्कूलों में पर्याप्त ज़मीन नहीं है, वहां गमलों में पौधे लगाए जाएंगे। वहीं जहां जगह अधिक है, वहां जमीन में सीधे पौधारोपण किया जाएगा।


शिक्षा विभाग ने पहले चरण में 824 सरकारी स्कूलों की मैपिंग पूरी कर ली है। इन स्कूलों का चयन जगह की उपलब्धता और छात्रों की संख्या के आधार पर किया गया है। चयनित स्कूलों में पौधारोपण कार्य मानसून की शुरुआत के साथ ही शुरू कर दिया जाएगा।


यह योजना न केवल स्कूलों के भौतिक वातावरण को बेहतर बनाएगी, बल्कि छात्रों को पर्यावरणीय नेतृत्व, स्वच्छता, और स्थायित्व (sustainability) जैसे मूल्यों से भी परिचित कराएगी। भविष्य में इस योजना को राज्य के अन्य स्कूलों में भी लागू करने की संभावना है।