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Bihar Land News : सरकारी जमीन पर खेल खत्म! सरकार के एक्शन से माफियाओं में खलबली; जारी हुआ आदेश

बिहार में सरकारी जमीन पर फर्जी जमाबंदी करने वालों की अब खैर नहीं! सरकार ने सभी जिलों में जांच के आदेश दिए हैं। बड़े खुलासे की संभावना, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई।

Bihar Land News : सरकारी जमीन पर खेल खत्म! सरकार के एक्शन से माफियाओं में खलबली; जारी हुआ आदेश
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Land News : बिहार में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और फर्जी जमाबंदियों के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए सरकारी भूमि से संबंधित जमाबंदियों की गहन जांच कराने का आदेश दिया है। विभाग का मानना है कि कई जिलों में सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कर दिया गया है, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सरकारी भूमि की पहचान, सत्यापन और उससे जुड़ी जमाबंदियों की जांच की प्रक्रिया तेज की जाए। विभाग ने सभी समाहर्ताओं और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज सरकारी भूमि की जमाबंदियों का सत्यापन किया जाए और अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।


विभाग के अनुसार, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सरकारी भूमि की जमाबंदी निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गई है। इससे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की समस्या बढ़ रही है और सरकारी संपत्ति के संरक्षण पर भी सवाल उठ रहे हैं।


राज्य सरकार ने पहले ही सरकारी भूमि की पहचान और उसके संरक्षण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इसके तहत ऑनलाइन पोर्टल पर सरकारी भूमि का पूरा विवरण दर्ज किया जा रहा है। लेकिन जांच के दौरान यह पाया गया कि कई स्थानों पर सरकारी भूमि की जानकारी गलत तरीके से दर्ज की गई है या फिर निजी व्यक्तियों के नाम पर जमाबंदी कायम कर दी गई है।


विभागीय पत्र में कहा गया है कि ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज सरकारी भूमि की जमाबंदियों का आधारभूत दस्तावेजों से मिलान किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में गड़बड़ी मिले, वहां तत्काल सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर से नियमित समीक्षा करें और आवश्यक रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराएं।


सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में सरकारी जमीनों से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों के बाद विभाग ने राज्यव्यापी जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में फर्जी जमाबंदियों का खुलासा हो सकता है।


भूमि विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा और फर्जी जमाबंदी लंबे समय से बड़ी समस्या रही है। यदि समय रहते इन मामलों की जांच नहीं की गई तो सरकार को करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हो सकता है। ऐसे में विभाग का यह कदम सरकारी भूमि की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा सकती है। सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि सरकारी भूमि से जुड़े विवादों में कमी आएगी और अवैध कब्जों पर रोक लग सकेगी।


राज्य सरकार अब सरकारी जमीनों की निगरानी के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली को और मजबूत करने की तैयारी में है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सरकारी भूमि से संबंधित सभी रिकॉर्ड को अद्यतन रखें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें।