ब्रेकिंग
मल्लिकार्जुन खरगे के बचाव में उतरी RJD, लालू-तेजस्वी के खास ने कहा- उन्हें किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं✦दिल्ली-हावड़ा रूट पर बड़ा फेरबदल: पटना जंक्शन नहीं आएंगी ये ट्रेनें, झटपट चेक कर लें नया रूट वरना छूट जाएगी गाड़ी✦अनंत सिंह के निष्कासन पर बढ़ा विवाद, कोर्ट जाने की तैयारी में समर्थक; JDU के फैसले को देंगे चुनौती✦JDU से निष्कासित अनंत सिंह को एक और झटका, पत्नी नीलम देवी को इस अहम पद से हटाया गया; राज्य मंत्री का दर्जा भी छीना✦शादी के नाम पर फर्जीवाड़ा! दूसरे राज्यों से बुलाए जा रहे दूल्हे, 4 महीने में सामने आए 3 बड़े मामले✦मल्लिकार्जुन खरगे के बचाव में उतरी RJD, लालू-तेजस्वी के खास ने कहा- उन्हें किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं✦दिल्ली-हावड़ा रूट पर बड़ा फेरबदल: पटना जंक्शन नहीं आएंगी ये ट्रेनें, झटपट चेक कर लें नया रूट वरना छूट जाएगी गाड़ी✦अनंत सिंह के निष्कासन पर बढ़ा विवाद, कोर्ट जाने की तैयारी में समर्थक; JDU के फैसले को देंगे चुनौती✦JDU से निष्कासित अनंत सिंह को एक और झटका, पत्नी नीलम देवी को इस अहम पद से हटाया गया; राज्य मंत्री का दर्जा भी छीना✦शादी के नाम पर फर्जीवाड़ा! दूसरे राज्यों से बुलाए जा रहे दूल्हे, 4 महीने में सामने आए 3 बड़े मामले

Bihar News: बिहार में गरीबों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना, 22-24 घंटे तक होगी बिजली आपूर्ति

Bihar News: बिहार सरकार गरीब परिवारों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप लगाएगी। बिजली उत्पादन और वितरण में सुधार के साथ 22-24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

Bihar News
प्रतिकात्मक
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार पिछले वर्ष जुलाई से सवा सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है, अब गरीब परिवारों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप लगाने जा रही है। ऊर्जा विभाग ने राज्य के 58 लाख गरीब बिजली उपभोक्ताओं के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 10 लाख घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। 


अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मंगलवार को बिहार बजट पेश करते हुए ऊर्जा और सह-वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार में आर्थिक विकास के साथ बिजली की मांग में भी लगातार वृद्धि हुई है। दो दशक पहले राज्य की बिजली खपत केवल 700 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 8752 मेगावाट हो चुकी है।


बिजली उत्पादन और वितरण में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से काम किया। पहले बिहार में कोई बिजली घर नहीं था, इसलिए सबसे पहले बिजली घर निर्माण की योजना पर काम हुआ। बरौनी, कांटी, नवीनगर, कजरा, पीरपैंती और चौसा में बिजली घर बनाए गए। इसके बाद संचरण तार बिछाने की प्रक्रिया शुरू हुई। वर्ष 2005 में बिहार में 45 ग्रिड थे, जो अब बढ़कर 175 हो गए हैं, और 16 नए ग्रिड बन रहे हैं। 5,000 सर्किट किलोमीटर संचरण तार पहले बिछे थे, जो अब 21,165 सर्किट किलोमीटर हो चुके हैं, जबकि 2,369 सर्किट किलोमीटर अतिरिक्त तार बिछाने की प्रक्रिया जारी है।


राज्य के सभी इच्छुक लोगों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। गली-मोहल्लों में बिजली के तार बिछाए गए हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हादसों को कम करने के लिए कवर्ड तार लगाए गए हैं। पटना जैसे शहरों में भूमिगत तार बिछाए जा रहे हैं। गांव से लेकर शहर तक 22-24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिजली की खपत 9,600 मेगावाट होने का अनुमान है। मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग की वजह से बिजली बिल में गड़बड़ियों में भी कमी आई है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता